Friday, February 27, 2026

धान उपार्जन केंद्रों में मंडरा रहा हाथियों का खतरा, केंद्र कर्मियों में दहशत व्याप्त, खदेड़ने ट्रैक्टर का सहारा

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धान उपार्जन केंद्रों में मंडरा रहा हाथियों का खतरा, केंद्र कर्मियों में दहशत व्याप्त, खदेड़ने ट्रैक्टर का सहारा

कोरबा। करीब एक दर्जन की संख्या में हाथी अंधेरा छाने के बाद धान खरीदी केंद्र में धमक रहे हैं। अब खरीदी केंद्र के कर्मचारी और चौकीदार को इस बात की चिंता है कि वे धान बचाएं कि जान। दोनों को बचाने की कवायद में किसानों से मदद ली जा रही है। उनके ट्रैक्टर लेकर उनकी मदद से रात में तेज आवाज में साउंड बॉक्स पर गाना बजाते हुए हाथियों को खदेडऩे की जोखिम भरी कोशिश की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ वन कर्मियों और अधिकारियों की भूमिका पर भी सवालिया निशान उठे हैं, जो सिर्फ हिदायत देकर खानापूर्ति कर रहे हैं। यह नजारा करतला ब्लाक के हाथी प्रभावित नवापारा गांव स्थित 90 हजार क्विंटल धान की क्षमता वाला जिले का सबसे बड़ा उपार्जन केंद्र का है। इस केंद्र से लगे गांव के जंगल के आसपास 12 हाथियों ने डेरा जमा लिया है। शाम ढलते ही हाथियों का दल मंडी में घुसने की कोशिश करता है। उनसे निपटना बड़ी चुनौती बन जाती है। फड़ के कर्मचारी ट्रैक्टर के जरिए और तेज आवाज में साउंड बॉक्स बजाकर हाथी को खदेड़ रहे हैं।पिछले 15 दिनों से यहां हाथियों से दहशत जारी है। फेंसिंग तोडक़र हाथी इस केंद्र में घुसने का प्रयास करते हैं। किसानों और कर्मचारियों की जान खतरे में रहती है। नवापारा, रामपुर समेत तीन केंद्र के कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर रातनभर हाथियों से धान की सुरक्षा कर रहे हैं। किसानों के ट्रैक्टर मांगकर उसका साइलेंसर निकाल दिया है ताकि गाड़ी से अधिक आवाज आए, मगर यह तरीका भी जानलेवा है। कुछ दिन पहले एक हाथी चचिया के धान मंडी में घुस गया था। उसके बाद 15 हाथियों का दल नवापारा मंडी के इर्द गिर्द मंडरा रहा है।

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