धान खरीदी के लिए 41 हजार किसानों का इंतजार, खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी किया गया है तय
कोरबा। जिले के 41 हजार किसानों का अभी भी खरीदी केन्द्रों में इंतजार है। 45 दिन बीत जाने के बाद केवल 7,726 किसानों ने धान बेचा है। चुनाव के बाद नए सरकार गठन का इंतजार और बेमौसम वर्षा के कारण किसान उपार्जन केंद्र नहीं पहुंच पाए। अभी की कई किसानों के धान खलिहान व खेतों में गीले पड़े हैं। सरकार ने धान की खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी तय की है। सरकारी अवकाश व रविवार को छोड़ खरीदी के लिए केवल 27 दिन का समय शेष है। तिथि नहीं बढ़ी तो कई किसान धान बिक्री से वंचित हो जाएंगे। नए सरकार के गठन के बाद धान खरीदी के लिए किए गए चुनावी वादों का पूरा होने का किसानों को बेसब्री से इंतजार है। किसानों ने साय सरकार के दो वर्ष की बोनस राशि को चुना है। इसके अलावा 3,100 रूपयें में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी शामिल है। वर्षा की वजह से अभी भी कई किसानों के फसल नहीं सूखे है। जिन किसानों ने कटाई कर खलिहानों में धान को रखा है उन्हे इस बात की आशंका है कि कहीं नमी का कारण बताते हुए समिति प्रबंधन धान को वापस न कर दे।मौसम खुलने के बाद किसान धान फसल के सूखने का इंतजार कर रहे हैं। अभी तक 65 उपार्जन केंद्रों से 3.76 लाख क्विंटल धान की खरीदी हुई है। घोषणा पत्र के अनुसार 25 दिसंबर से पहले दो साल की बोनस राशि किसानों के खाते में दिया जाना हैं। इसके लिए 10 दिन का समय शेष रह गया है। अब किसानों को खाते में राशि आने का उत्साह बना है। इस बार शासन 25 लाख धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया है। बंफर उपज और चुनावी वायदों से लक्ष्य से भी बढक़र खरीदी होने की संभावना है।बीते वर्ष की तुलना में इस बार पांच नए उपार्जन केंद्रों की शुरूआत गई है। तीन वर्ष पहले उपर्जान केंद्रों की संख्या 49 थी, वह अब बढक़र 65 हो गई। गांव के निकट उपार्जन केंद्र खुलने से किसानों को अब लंबी दूरी तय कर धान बेचने की समस्या से मुक्ति मिली है। बायोमिट्रिक प्रणाली से धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू करने से बीचौलियों की सक्रियता भी लगभग समाप्त हो गई है। शासन ने किसानों सुविधाओं इजाफा तो किया है, लेकिन उपार्जन केंद्रों में धान की सुरक्षा के लिए शेड, चबूतरा व गोदाम निर्माण की प्रक्रिया अभी भी शुरू नहीं की गई है। हालिया स्थिति यह है कि घोषित नए केंद्रों में धान बिक्री के लिए पहुंचे किसानों के लिए बैठक की भी सुविधा नहीं है।
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