नारी शक्ति के हाथ सीबीएम लैब की कमान, लैब का सीएमडी ने किया उद्घाटन, तकनीकी दक्षता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल: दुहन
कोरबा। एसईसीएल ने महिला सशक्तिकरण और तकनीकी नेतृत्व को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की है। इस दिशा में कदम उठाते हुए गुरूवार को केंद्रीय उत्खनन कर्मशाला (सीईडब्ल्यूएस) गेवरा स्थित सीबीएम लैब को पूर्णत: महिलाओं द्वारा संचालित प्रयोगशाला के रूप में आरंभ किया गया। लैब का विधिवत उद्घाटन एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन ने किया। सीबीएम लैब खनन कार्यों में प्रयुक्त भारी मशीनों और वाहनों के रखरखाव में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह लैब मशीनों से लिए गए लुब्रिकेंट ऑयल के नमूनों का विश्लेषण कर यह निर्धारित करती है कि उपकरणों की आंतरिक स्थिति कैसी है, किस हिस्से में घिसाव हो रहा है या कौन-सा पुर्जा संभावित रूप से खराब हो सकता है। सीबीएम लैब में मशीनों से लिए गए तेल के नमूनों पर चार प्रमुख प्रकार के परीक्षण किए जाते हैं। इनमें एलीमेंटल एनालिसिस, काइनेमैटिक विस्कोसिटी, केमिकल प्रॉपर्टीज विश्लेषण व पार्टिकल काउंट शामिल हैं। इन सभी परीक्षणों से यह सुनिश्चित किया जाता है कि मशीनों में समय रहते संभावित खराबी की पहचान हो सके, जिससे अचानक ब्रेकडाउन की संभावना कम होती है। इससे अनावश्यक मरम्मत से बचा जा सकता है, उत्पादन कार्यों में रुकावटें कम होती हैं। संचालन लागत घटती है और खराबी के मूल कारणों की पहचान कर दीर्घकालिक समाधान संभव हो पाते हैं। इस लैब की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ होगी। उद्घाटन निदेशक (तकनीकी संचालन सह योजना/परियोजना) एन फ्रैंकलिन जयकुमार तथा निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय महाप्रबंधक गेवरा एके त्यागी, क्षेत्रीय महाप्रबंधक, दीपका संजय मिश्रा, क्षेत्रीय महाप्रबंधक कोरबा आरके गुप्ता, वर्क्स मैनेजर, सीईडबल्यूएस गेवरा एके सिंह, समस्त जेसीसी, कल्याण, सुरक्षा समिति के सदस्य व अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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लैब का किया निरीक्षण, बढ़ाया हौसला
इस अवसर पर सीएमडी श्री दुहन ने कहा कि एसईसीएल द्वारा उठाया गया यह कदम तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ खनन उपकरणों की स्थिति की नियमित निगरानी व रखरखाव को भी मजबूत बनाएगा। जिससे खनन संचालन अधिक सुरक्षित, कुशल और लागत प्रभावी बन सकेगा। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य न केवल तकनीकी दक्षता को बढ़ाना है, बल्कि महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देना है। महिला कर्मचारियों द्वारा पूर्णत: संचालित यह सीबीएम लैब कोल इंडिया की पहल को एक नया आयाम प्रदान करती है। कार्यक्रम के दौरान सीएमडी व निदेशकगणों ने सीबीएम लैब का निरीक्षण किया। प्रयोगशाला प्रभारी बबीता पटवाल, सहायक प्रबंधक (उत्खनन) व टीम की सभी महिला कर्मियों से भेंट कर उनका हौंसला बढ़ाया। उन्होंने टीम को भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
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