प्रोजेक्ट मैनेजर को भुगतना पड़ा प्रबंधन की करनी का खामियाजा
कोरबा। एसईसीएल की गेवरा परियोजना खदान में गलतफहमी के कारण प्रबंधन की करनी का खामियाजा दूसरे को भुगतना पड़ गया। मारपीट के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जानकारी के मुताबिक प्रार्थी जितेंद्र गरूड़ नगर दीपका में रहता है व सैनिक माईनिंग कंपनी मे प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत है। 25 सितम्बर को उसके कंपनी की एक वोल्वो गाड़ी गेवरा खदान के डंपिंग साईड में कीचड़ मे फंस गई थी जिसे स्टाफ लेकर सुबह 11:30 बजे करीब निकलवाने का प्रयास कर रहा था। उसी समय के.जे. सिंह कंपनी का सुपरवायजर कुलदीप, सचिदानंद एवं ड्रायवर नवीन आये और जितेंद्र को गालियां देते कहने लगे कि तुम भठोरा से गेवरा खदान आने वाले रास्ते को कैसे बंद करवा दिये। तब जितेंद्र ने उनसे बोला कि उस रास्ते को मै बंद नहीं करवाया हूं, एसईसीएल बंद कराई है। इसी बात को लेकर तीनों एक राय होकर जितेंद्र को जान से मारने की धमकी देते हाथ झापड़ से मारपीट करने लगे। फिर कुलदीप, नवीन उसका हाथ पकड़े और सचिदानंद लोहे के किसी वस्तु से दाहिने सिर, माथा के पास मारा जिससे खून निकलने लगा। जितेंद्र को मारता देख वहां उपस्थित दोलानंद एवं मंजित लोग बीच-बचाव कर छुडाए तथा एनसीएच गेवराअस्पताल दीपका में ईलाज मरहम पट्टी कराया। मारपीट करने से जितेंद्र के दाहिने सिर, माथा एवं पीठ, दाहिना बांह में चोट आई है। घटना की रिपोर्ट पर आरोपी सचिदानंद , कुलदीप , नवीन के विरुद्ध धारा 294, 323, 34, 506 के तहत जुर्म दर्ज किया गया है।
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