बाँकी बस्ती,पुरैना,मड़वाढोढा में जल संकट, जल आपूर्ति की मांग को लेकर 22 फरवरी को चक्काजाम करेगी माकपा
कोरबा। बांकीमोंगरा क्षेत्र के खनन प्रभावित गांवो बांकी बस्ती,मड़वाढोढा,पुरैना में एसईसीएल द्वारा पूर्व की तरह दिए जा रहे जल आपूर्ति को बंद किए जाने से परेशान ग्रामीणों ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पार्षद राजकुमारी कंवर के नेतृत्व में बांकी बस्ती के पास कल 22 फरवरी को चक्काजाम करने की घोषणा की है। कोयला खनन के कारण खनन प्रभावित गांवों में जल स्तर काफी गिर चुका है और अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत एसईसीएल ही पीने, निस्तारी और सिंचाई के लिए पानी का प्रबंध करते आया है, लेकिन बांकी खदान बंद होने के बाद अब एसईसीएल द्वारा इन बांकी बस्ती,पुरैना,मड़वाढोढा गांवों में जल आपूर्ति रोक दी गई है, जिससे यहां के ग्रामीणों का न केवल दैनिक दिनचर्या गड़बड़ा गई है, बल्कि खेती-किसानी पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। माकपा द्वारा चक्काजाम की चेतावनी के बाद भी एसईसीएल प्रबंधन द्वारा ग्रामीणों के पानी के समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं होने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने आरोप लगाया कि बांकी खदान से कमाई बंद होते ही अब एसईसीएल अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को पूरा करने से मुकर रहा है, जबकि किसानों की आजीविका सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को पाना ग्रामीणों का अधिकार है। माकपा नेता झा ने कहा कि तीनों गांव को पानी दो नहीं तो कोल परिवहन नहीं होने देंगे।माकपा के इस आंदोलन को छत्तीसगढ़ किसान सभा ने भी अपना समर्थन दिया है। चक्काजाम सफल बनाने के लिए तीनों गांव में बैठक संपन्न हुआ।
बॉक्स
जल नहीं, तो परिवहन नहीं : पार्षद राजकुमारी
माकपा की मोंगरा वार्ड पार्षद राजकुमारी कंवर ने आरोप लगाया है कि एसईसीएल ग्रामीणों को नगर निगम का पानी खरीदने को मजबूर कर रहा है, जिसका माकपा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित गांवों में एसईसीएल को पूर्व की तरह जल आपूर्ति करना होगा।
बॉक्स
प्रमुख मांगे
1) बांकी बस्ती और पुरैना गांव में पाईप लाईन के माध्यम से पेयजल सप्लाई चालू किया जाये।
2) ग्राम बांकी बस्ती, मडवाढोंढा,पुरैना में तालाबों को खदान से पाईप लाईन के माध्यम से साल भर भरने की व्यवस्था की जाये।
3) ग्राम बांकी बस्ती, मडवाढोंढा,पुरैना में जहां अंडर ग्राउंड में पानी का भराव जायदे है वहां बोरहोल कर मोटर पंप लगाकर तालाबों को भरने के साथ किसानों को सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था की जाये।
![]()




























