बारिश के बीच संयुक्त टे्रड यूनियन ने किया प्रदर्शन
वेतन भुगतान में देरी और दायर याचिका का जताया विरोध
कोरबा। मंगलवार को गेवरा परियोजना के श्रमिक चौक में संयुक्त श्रमिक संगठनों द्वारा वेतन भुगतान विलंब एवं 11वां वेतन समझौता के संबंध में अधिकारियों द्वारा याचिका दायर करने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया। बारिश के बीच यूनियन पदाधिकारी प्रदर्शन में डटे रहे। प्रदर्शन में संयुक्त श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी एवं गेवरा परियोजना के कर्मचारीगण भारी संख्या में शामिल हुए। कोयला कर्मियों के 11वां वेतन समझौता के अनुमोदन को जबलपुर हाईकोर्ट में निरस्त करने का आदेश दिया है। जिसके कारण कोयला कर्मियों को इस बार सितंबर माह के वेतन का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। भुगतान में हो रही देरी को लेकर यूनियन नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिकारियों द्वारा हाई कोर्ट में दायर किए गए याचिका का भी विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि कर्मियों के वेतन में भुगतान में देरी की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जबलपुर हाइकोर्ट के आदेश के बाद कोल इंडिया ने 2.31 लाख कोयलाकर्मियों के वेतन भुगतान पर अगले दो से तीन दिनों में होने की संभावना है। कोल इंडिया ने रविवार को ही 11 बजे के करीब अगले आदेश तक के लिए रोक लगाने का आदेश जारी किया था। मजदूर प्रतिनिधियों को जब इसकी सूचना मिली तो उन लोगों ने विरोध शुरु किया। इसके बाद कोल इंडिया के ही जीएम गौतम बनर्जी ने आदेश में लिखा कि अगले दो से तीन दिनों तक वेतन भुगतान स्थगित रहेगा। यह आदेश तीन बजे करीब सभी कंपनियों को भेजा गया. जबलपुर हाइकोर्ट ने कोयलाकर्मियों का वेतन समझौता रद्द कर दिया है। कोयलाकर्मियों को फिलहाल सितंबर का वेतन नहीं मिला। आम तौर पर कर्मियों को माह की पहली तारीख को वेतन मिल जाता है। अदालत ने कोयलाकर्मियों के नये वेतन समझौते को रद्द कर दिया है। आदेश दिया है कि 60 दिनों के अंदर अधिकारी और कर्मचारी के बीच उत्पन्न वेतन विसंगति मामले पर डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंटेप्राइजेस से मंतव्य लिया जाए।
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