कोरबा। मकर संक्रांति पर्व पौष कृष्ण पक्ष एकादशी 14 जनवरी बुधवार को अनुराधा नक्षत्र में मनाया जाएगा। संक्रांति की चंद्रमा वृश्चिक राशि में होगी। इस दिन षटतिला एकादशी व्रत होने का भी शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे, शनि इस समय मीन राशि में हैं और गुरु मिथुन राशि में हैं, बाकी मंगल, शुक्र, बुध धनु राशि में हैं। इसके बाद मंगल, शुक्र और बुध ग्रह भी मकर राशि में आ जाएंगे। राहु अभी कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में हैं।
4 जनवरी को सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस साल मकर संक्रांति के दिन दो खास संयोग बन रहे हैं, एक तो षटतिला एकादशी है, इसे बेहद शुभ माना जाता है, वहीं सूर्य पूजा और दान के लिए यह बहुत शुभ दिन है। श्रद्धालु इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के लिए उपवास रखेंगे। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि मकर संक्रांति में भगवान भास्कर दोपहर 3.06 बजे धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इसे देखते हुए लोग 8.46 बजे के बाद गंगा आदि नदियों में स्नान कर तिल आदि वस्तुओं का दान कर सकते हैं।
बॉक्स
खरमास समाप्त हो जाएगा
ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि मकर संक्रांति के साथ ही एक माह तक चलने वाला खरमास समाप्त हो रहा है। संक्रांति के मौके पर खरीदारी, दान, पुण्य और आध्यात्मिक कार्य करने पर कभी नष्ट नहीं होने वाले पुण्य की प्राप्ति होती है। खरमास समाप्त होने पर शुभ कार्य हो सकेगा। हालांकि शादी-विवाह का मुहूर्त शुक्र ग्रह के उदय के बाद फरवरी में बन रहा है। मकर संक्रांति पर सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही दिन की अवधि बड़ी होने लगती हैं। उत्तरायण सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा करने का विधान है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि मकर संक्रांति पर गंगा स्नान के साथ काला तिल, चावल, हल्दी, नमक, उड़द, धान, खिचड़ी, गुड़ का दान करना चाहिए।
![]()

