माकपा और भाकपा गठबंधन से लड़ेगी चुनाव
कोरबा। कोरबा विधानसभा सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और कटघोरा विधानसभा से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है। दोनों पार्टी ने गठबंधन कर जिले को दो सीट को बांट लिया है और कार्यकर्ताओं ने बैठक कर मिलजुल कर प्रचार करने का निर्णय लिया है। माकपा के जिला सचिव प्रशांत झा और भाकपा के जिला सचिव पवन कुमार वर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि पार्टी ने संयुक्त रूप से प्रत्याशी खड़ा किया है। साथ ही कार्यकर्ताओं को एकजुटता के साथ कार्य करने कहा है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के बाद कार्पोरेटपरस्त नीतियों के कारण विनिवेशीकरण और निजीकरण को बढ़ावा मिला, इसके कारण आम जनता विशेष कर असंगठित मजदूरों की बदहाली बढ़ी। यही कारण है कि प्रदेश में नियमित मजदूर से ज्यादा संख्या ठेका मजदूर, संविदा कर्मचारी, दैनिक वेतन भोगियों एवं अनियमित कर्मचारियों की है। इनका भरपूर शोषण किया जा रहा है जिनके पास रोजगार की कोई सुरक्षा नहीं है।जिले में नौ लाख से भी ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इसमें 40 प्रतिशत मतदाता विभिन्न उपक्रम में कार्यरत नियमित कर्मी व ठेका मजदूरों के बाहर छोटे उद्योगों में कार्यरत मजदूरों की होगी। जिले की कोरबा व कटघोरा विधानसभा सीट में इनका वर्चस्व है। इसलिए विधानसभा हो या लोकसभा चुनाव अथवा निकाय चुनाव, जिले में इन कर्मियों की काफी अहम भूमिका होती है। इन मजदूरों को राष्ट्रीय स्तर की श्रमिक संगठन इंटक, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी व मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी करती है।इनमें इंटक, कांग्रेस से तो भारतीय मजदूर संघ, भाजपा से जुड़़ी हुई है। जबकि भाकपा व माकपा स्वयं राष्ट्रीय पार्टी से संबंधित है। माकपा व भाकपा ने विधानसभा चुनाव में अपनी ताल ठोंक दी है। संयुक्त रूप से चुनाव लडऩे का निर्णय लेते हुए कोरबा से भाकपा ने सुनील सिंह और कटघोरा से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जवाहर सिंह कंवर को अपना प्रत्याशी बनाया है। कंवर वर्तमान में किसान सभा के जिलाध्यक्ष पद का दायित्व संभाल रहे हैं। इसके साथ ही पार्टी ने दोनों स्थान पर संयुक्त बैठक लेकर कार्यकर्ताओं को भी एकजूटता के साथ काम करने कहा है, ताकि चुनाव में इसका फायदा मिल सके।
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