कोरबा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। सुतर्रा के समीप तेज रफ्तार ऑयल टैंकर की चपेट में आकर बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में युवक की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों को उस वक्त गहरा झटका लगा, जब मर्चुरी में कुछ कर्मचारियों ने दो हजार की मांग की, वे कम रकम में मानने तैयार नहीं हुए। आखिरकार नाते रिश्तेदारों व परिचितों ने चंदा कर कर्मचारियों को 17 सौ रूपए दिए, तब कहीं जाकर कर्मचारी पीएम के लिए तैयार हुए। यह वाक्या मंगलवार की दोपहर करीब 1.30 बजे की है। बांकीमोंगरा थानांतर्गत ग्राम अरदा में सूरज मरावी निवास करता है। उसका छोटा भाई राहुल मरावी 20 वर्ष रोजी मजदूरी करता था। वह बीते दो तीन दिन से अपने रिश्तेदार अर्जुन मरकाम के घर रहकर काम कर रहा था। वे दोनों सोमवार की देर शाम बाइक में सवार होकर बस स्टैंड को ओर आए हुए थे। अर्जुन बस स्टैंड में अपने दोस्त के साथ बैठकर बात कर रहा था। इसी बीच राहुल थोड़ी देर में घुमकर आने की बात कहकर निकला, लेकिन आधे घंटे बीत जाने के बाद भी नहीं लौटा। अर्जुन पता तलाश कर ही रहा था, इसी दौरान उसे कसनिया के समीप बाइक सवार युवक के सड़क हादसे में घायल होने की जानकारी मिली। उसने मौके पर जाकर देखा तो घायल युवक कोई और नही बल्कि राहुल ही था। उसे तेज रफ्तार ऑयल टैंकर के चालक ने ठोकर मार दिया था। अर्जुन एक निजी वाहन से राहुल को तत्काल कटघोरा निजी अस्पताल ले आया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में राहुल की मौत हो गई। उसके शव को मर्चुरी में रखवाया गया था। मंगलवार की सुबह अस्पताल पुलिस ने पीड़ित परिवार का बयान दर्ज किया। तत्पश्चात पुलिस परिजनों की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर चौकी लौट गई। पहले से ही परिजन परिवार के युवा सदस्य को खो देने से दुखी थे। उन्हें उस वक्त दोहरा झटका लगा, जब मर्चुरी के कर्मचारियों ने शव को पोस्टमार्टम करने दो हजार की मांग शुरू कर दी। परिजनों ने यथाशक्ति रकम देने की बात रखी, लेकिन कर्मी उनकी सुनने तैयार ही नहीं थे। उनका साफ कहना था कि उन्हें कफन सहित कई जरूरी सामान की जरूरत पड़ती है, जो रकम देने पर ही संभव है। आखिरकार परिजनों ने परिचितों की मदद से 17 सौ रूपए की व्यवस्था की और कर्मचारियों को दिया, तब कहीं जाकर वे पीएम करने तैयार हुए। उनके इस कृत्य ने परिजन और ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया था। बहरहाल परिजन शव को मुक्ततांजलि एक्सप्रेस में लेकर घर रवाना हो गए।
सह अधीक्षक ने लगाई फटकार
मर्चुरी के कर्मचारियों द्वारा पीड़ित परिवार से रकम लिए जाने की भनक मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सह अधीक्षक डॉ. रविकांत जाटवर को लगी। उन्होंने मर्चुरी में तैनात सफाई कर्मियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने साफतौर पर कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार से फूटी कौड़ी लेने की जरूरत नहीं है। विभाग की ओर से सभी सेवा नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है। सह अधिक्षक ने कर्मचारियों से पीड़ित परिवार को उनकी रकम भी वापस कराया।
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