कोरबा। इमलीडुग्गू में रहने वाले एक युवक की मौत संदिग्ध परिस्थिति में हो गई। वह शनिवार को छेरछेरा मनाने घर से निकला था। उसे रात करीब नौ बजे पड़ोस के ही एक मकान में अंतिम बार देखा गया था। परिजन सुबह उसके घर पहुंचे तो दरवाजे के समीप जमीन पर युवक बेसुध पड़ा था। उसे आनन फानन इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण उपरांत युवक को मृत घोषित कर दिया। मामले में अस्पताल पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई पूरी की है।
कोतवाली अंतर्गत रेलवे फाटक क्रमांक दो इमलीडुग्गू में भगवती दिवाकर निवास करती है। वह बीते कुछ दिनों से अपने छोटे बेटे के साथ मुंगेली जिले में स्थित गृहग्राम गई हुई है। उसका पुत्र राजकुमार दिवाकर 30 वर्ष घर में अकेले ही था। वह हलवाई का काम कर जीविकोपार्जन करता था। मोहल्ले में ही थोड़ी दूर अपने परिवार के साथ रहने वाली बड़ी बहन ललिता पाटले ने बताया कि सुबह उसे फूफेरी बहन सविता कोसले के पुत्र ने घर आकर राजकुमार की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। वह भागते हुए घर पहुंची, जहां पहले से ही भीड़ लगी हुई थी। राजकुमार घर के दरवाजे पर ही जमीन पर बेसुध पड़ा हुआ था। परिजन उसके हाथ व पांव में तेल की मालिश कर रहे थे। उन्होंने राजकुमार को भी अस्पताल ले जाने एम्बुलेंस को भी कॉल कर दिया था। उसके पहुंचते ही राजकुमार को एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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