रंगमंच के पुनर्जागरण का शंखनाद, 21 मार्च को होगा सुप्रसिद्ध नाटक “मैं अनिकेत हूँ” का भव्य मंचन

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कोरबा। औद्‌योगिक नगरी कोरबा, जो कभी रंगमंच की गतिविधियों का गढ़ माना जाता था, एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए तैयार है। तिलक भवन में प्रेस वार्ता लेकर रोटरी क्लब कोरबा और महाराष्ट्र मंडल कोरबा के संयुक्त तत्वाधान में आगामी 21 मार्च 2026 (शनिवार) को प्रदेश का प्रसिद्ध हिंदी नाटक “मैं अनिकेत हूँ का मंचन राजीव गांधी ऑडिटोरियम (इंदिरा गांधी स्टेडियम) में शाम 7:00 बजे किया जाएगा। वही सांस्कृतिक पुनरुत्थान और युवाओं को प्रोत्साहन छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों जैसे दुर्ग-भिलाई, रायपुर और बिलासपुर में रंगमंच की गतिविधियां निरंतर फल-फूल रही हैं। इंदिरा कला संगीत विश्ववि‌द्यालय खैरागढ़ से युवा इस विधा में डिग्रियां प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन कोरबा में पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र में एक रिक्तता महसूस की जा रही थी। पूर्व में विद्युत मंडल, बालको और कॉलरी कॉलोनियों में नाटकों का शानदार माहौल रहता था। वही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य इसी माहौल को वापस लाना और युवाओं को रंगमंच में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है। अद्वितीय अनुभव और कुशल निर्देशन – महाराष्ट्र मंडल रायपुर द्वारा तैयार इस नाटक का निर्देशन सुप्रसिद्ध दिग्दर्शक शशि वरवंडकर ने किया है। आयोजकों का विश्वास है कि यह मंचन कोरबा के सांस्कृतिक इतिहास में एक मील का पत्थर’ साबित होगा। इसकी भव्यता और कलाकारों का जीवंत अभिनय दर्शकों को अंत तक बांधे रखेगा। यह मात्र एक नाटक नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव होगा जिसे आने वाले कई वर्षों तक याद रखा जाएगा।वही कला के माध्यम से सेवा,शिक्षा के लिए समर्पित आय इस आयोजन का सबसे प्रेरक और गरिमामयी पहलू इसका सामाजिक उद्देश्य है। रोटरी क्लब और महाराष्ट्र मंडल ने निर्णय लिया है कि इस चैरिटी शो से प्राप्त होने वाली संपूर्ण धनराशि मेधावी एवं निर्धन छात्रों के अध्ययन और उच्च शिक्षा पर खर्च की जाएगी। नगर के दानदाताओं और कला प्रेमियों का इसे भरपूर सहयोग मिल रहा है। वही आयोजन समिति की सक्रियता – इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक सशक्त टीम जुटी हुई है। इसमें रोटरी क्लब से रोटे. पारस जैन (प्रोजेक्ट चेयरमैन), रोटे. नितिन चतुर्वेदी (अध्यक्ष), रोटे. संतोष जैन (सचिव) और महाराष्ट्र मंडल की ओर से सुधीर रेगे, हेमंत माहलीकर, प्रवीण जाखड़ी, आलोक दिवाटे, राजेंद्र पागे एवं श्रीमती स्नेहल ओत्तलवार पूरी निष्ठा से प्रयासरत हैं।

कोरबावासियों से अपील- आयोजन समिति ने समस्त कोरबावासियों, कला प्रेमियों और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की है कि शनिवार, 21 मार्च को शाम 7:00 बजे राजीव गांधी ऑडिटोरियम पहुँचकर इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनें। याद रखें, यह शाम दोबारा नहीं आएगी और इस अ‌द्वितीय अनुभव से वंचित रहना एक मलाल की तरह रहेगा।

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