Friday, January 23, 2026

रबी फसल को लेकर गांवों में किसानों की तेज हुई तैयारी गेहूं, चना, सरसों, मटर और मसूर की बोआई में जुटे

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कोरबा। जिले के ग्रामीण अंचलों में रबी फसल की तैयारी ने रफ्तार पकड़ ली है। खरीफ फसल की कटाई लगभग पूरी होते ही किसान अब गेहूं, चना, सरसों, मटर और मसूर जैसी रबी फसलों की बुआई में जुटने लगे हैं। पाली, कटघोरा, करतला और पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के गांवों नवापारा, जर्वे, केरवाडीह, बांगो, लाफा, बरपाली और जोगीपाली में खेतों की जुताई, समतलीकरण और मेढ़ों की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। गांवों के खेतों में सुबह से ही ट्रैक्टरों की आवाज और किसानों की चहल-पहल देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि इस बार समय पर नमी उपलब्ध होने से रबी फसल के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। कई गांवों में नहरों, तालाबों और बोर से सिंचाई की व्यवस्था की जा रही है। सहकारी समितियों और निजी दुकानों से बीज व खाद की खरीद भी बढ़ गई है। खासकर गेहूं और चना के उन्नत बीजों की मांग अधिक देखी जा रही है। कृषि विभाग द्वारा भी किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, बीज उपचार और समय पर बुआई को लेकर सलाह दी जा रही है। रबी फसल को लेकर किसानों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मौसम ने साथ दिया तो इस बार अच्छी पैदावार होगी, जिससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी। वहीं प्रशासन और कृषि विभाग भी गांव-गांव जाकर किसानों को तकनीकी जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ देने में जुटा है। कुल मिलाकर कोरबा के गांवों में रबी फसल की तैयारी ने खेतों में नई उम्मीद और हरियाली की तस्वीर खींचनी शुरू कर दी है।

मूंगफली की खेती बेहतर विकल्प
करतला ब्लाक के अंतर्गत व्यापक स्तर पर रबी की फसल की जाती है, लेकिन इस क्षेत्र में हाथियों का दल विचरण करते हैं और फसल को प्रतिवर्ष नुकसान पहुंचाते है। ऐसी परस्थिति में किसान ज्यादातर मूंगफली की खेती करना बेहतर मानते हैं। जिसके कारण करतला कुदमुरा सहित आस पास के गांवों में व्यापक स्तर पर मूंगफली की खेती की जाती है। किसान फसल पकने के बाद बाजार हाट व बड़े दुकानों में थोक व चिल्हर बिक्री कर नकदी मुनाफा कमाते हैं, तो कई मूंगफली के बीज से तेल निकालकर अच्छी आमदनी कर लेते हैं।

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