रेलवे की सेकेंड एंट्री में असुविधाओं की है भरमार, असुविधा के बीच हो रहा संचालन, यात्री और परिजन हलाकान
कोरबा। शहर व उपनगरों के यात्रियों के लिए है सुविधाजनक रेलवे की सेकेंड एंट्री कोरबा शहरी क्षेत्र के साथ उपनगरों के यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक है। क्योंकि इस रास्ते से आने वाले वालों को रेलवे फाटकों के बंद रहने की झंझट से राहत मिलती है। इस रास्ते से स्टेशन आने वालों में एसईसीएल कोरबा, मानिकपुर, आरएसएस नगर, एमपीनगर, आरपीनगर, कोसाबाड़ी, सीएसईबी पूर्व, सिंचाई कालोनी रामपुर, दादरखुर्द, रजगामार, बालकोनगर के यात्री होते हैं। अधिकांश अप डाउन करते हैं। ऐसे में पार्किंग सुविधा नहीं होने से मुख्य गेट से होकर आने मजबूर हो रहे हैं।
उद्घाटन के 8 साल बाद स्टेशन की सेकंड एंट्री पर यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई गई मूलभूत सुविधाएं लगभग गायब हो चुकी हैं। अनारक्षित टिकट के लिए बनाया गया भवन तो है पर वहां से टिकट जारी नहीं होता है। शहर के लोग टिकट काउंटर शुरू करने के लिए हो हल्ला न करें, इसलिए एक टीन शेड की कंटेनर रखकर वहां से अनारक्षित टिकट जारी किए जा रहे हैं, पर वहां न तो पीने का पानी मिलता है और न ही पार्किंग में रखे वाहनों का कोई रखवाला होता है।साफ सफाई नाम की तो कोई बात ही नहीं है। हर हमेशा वहां धूल व कोयले की डस्ट की परत जमी रहती है। हां यह जरूर है कि बीच बीच में मौसम की मेहरबानी के कारण सफाई जरूर दिख जाती है। अब अगर स्टेशन से यात्रा शुरू करनी हो या खत्म तो इस स्थिति में यात्रा करने वाले को अपने परिजन की मदद लेनी होगी, जो उन्हें सुबह स्टेशन छोड़ सकें और शाम को वापस ले जा सकें। अगर गलती से कोई यात्री अपना वाहन लेकर इस रास्ते से स्टेशन पहुंच जाता है तो उसे असुरक्षित स्थिति में छोडक़र यात्रा शुरू करनी पड़ेगी, क्योंकि उनके वाहन की सुरक्षा करने वाला वहां कोई नहीं रहता है। वाहन सुरक्षित रखना है तो स्टेशन के मुख्य द्वार के रास्ते पहुंचना होगा। यही कारण है कि यात्री चाहकर भी सेकेंड एंट्री का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।यात्री के साथ परिजन को भी होती है परेशानी रेलवे स्टेशन में सेकेंड एंट्री पर टिकट काउंटर की सुविधा दी गई है, जहां से टिकट भी जारी हो रही है, पर पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इससे इस रास्ते स्टेशन आने वाले यात्रियों को अपने परिजनों के साथ स्टेशन आना पड़ता है और वापसी में उन्हें ले जाने के लिए बुलाना पड़ता है। इससे यात्रा करने वाले के साथ उनके परिजन भी इस रास्ते से आने पर परेशान होते हैं। यात्रियों को सुविधा सेकेंड एंट्री पर भी मिलने लगे तो उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा और उन्हें वाहन की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की असुविधा भी नहीं होगी।
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