लचर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था से नहीं मिल रहा छुटकारा
शहर से लेकर गांव तक बनी है ट्रिपिंग की समस्या
कोरबा। जिले में विगत साल भर से बिजली विभाग की लचर आपूर्ति व्यवस्था का शहरी से लेकर ग्रामीण अंचल के लोग झेलने को मजबूर हो गए। आलम यह कि शहर से लेकर ग्रामीण अंचल में विद्युत आपूर्ति बेहाल है। जिसमें हर घंटे बिजली का आना जाना (ट्रिप ) होने से लोगो के दिनचर्या में इसका सीधा असर पड़ रहा है,जबकि बारिश थमते ही गर्मी उमस से लोग हलाकान रहे हैं। जिसमे शहरी इलाकों के लोग वैकल्पिक व्यवस्था तो ग्रामीण जन 90 के दशक वाले हालात चिमनी के सहारे दिन रात गुजारने को मज़बूर हो गए हैं।
बीते 7 दिन पहले मौसम विभाग के चेतावनी के बाद लगातार बारिश गरज चमक के साथ हो रही थी,उक्त स्थिति के बाद बिजली व्यवस्था और बेहाल हो गया। जिसमें दिन हो या रात बिजली का आना जाना लगा रहा। आपूर्ति बाधित होने से इसका सीधा असर दिनचर्या में पड़ने लगा है। लोग गर्मी से परेशान हैं। डेंगू के कहर के बीच रात में आपूर्ति बाधित रहने से रात को मच्छर के आतंक से लोगो को जूझना पड़ रहा है। इसके साथ ही दिन में भी यही हाल रहता है। बिजली की आंख मिचौली के चलते शहरी क्षेत्र में जनता काफी परेशान हो गई है। दूसरी ओर बिजली के चलते ग्रामीण दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है , जिले के कई ऐसे गांव है जहां कई घण्टे आपूर्ति प्रभावित रहती है। आधुनिक दौर सर प्लस वाले राज्य में इस हालात के बाद ग्रामीण अंचल के लोगों के जीवन की परिकल्पना सोचने से ही रूह कांप रही है। इसकी शिकायत के बाद भी दुरुस्त व समस्याओं के स्थाई निराकरण का विभाग के अधिकारियों के पास कोई जवाब नही है।शहर के तीनों जोन मे निर्बाध विद्युत आपूर्ति विभाग कर पाने में नाकाम नजर आ रही है। हर घंटे में करीब 2 से तीन बार ट्रिप की शिकायत आ रही है। कई दफा तो घंटे दो घंटे तक आपूर्ति बाधित रहता है। इन परिस्थितियों के बीच लोगो का मानना है कि सर प्लस बिजली वाले राज्य में सरकारी तंत्र के विफल होने से इस तरह की हालात बन रहे है। जिससे लोग मानो 90 के दशक वाले चिमनी के सहारे जीने को मजबूर है।
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