वसूली एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई होगी तेज, कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक को लिखा पत्र
कोरबा। फ्लोरा मैक्स में ठगी की शिकार महिलाओं को न्याय दिलाने पुलिस व प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में कलेक्टर ने दुर्व्यवहार करने वाले ऋण , वसूली एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई करने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। ही वहीं पुलिस ने भी राज्य भर के जिला पुलिस मुख्यालय से ह जानकारी मांगी है। जिले में करीब ३७ हजार महिलाओं से १३७ करोड़ की रुपए की ठगी हुई है। जिसे लेकर महिलाएं तानसेन चौक पर अनशन पर बैठी है। उनकी मांग है कि फ्लोरा मैक्स और माइक्रो फाइनेंस कंपनी की मिलीभगत से ठगी की घटना हुई है। उन्हें कंपनी के कर्मचारियों द्वारा किश्त के लिए परेशान कर रहे हैं। मामले में महिलाएं लोन माफी और कार्रवाई की मांग कर रही हैं। रविवार की शाम हुई घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने माइक्रो फाइनेंस कंपनी सहित एजेंटों पर लगाम कसना शुरू कर दिया है। इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर अजीत वसंत ने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि माइक्रो फाइनेंस कंपनी व बैंक एजेंट द्वारा दुर्व्यहार किए जाने की शिकायत प्राप्त हो रही है। जिससे वसूली प्रक्रिया के दौरान महिलाओं को अनुचित तनाव या अपमान का सामना करना पड़ रहा है। ऋण वसूली एजेंटों का यह कृत्य शासकीय तथा आरबीआई के दिशा निर्देशों के प्रतिकूल है। उन्होंने दुर्व्यवहार करने वाले एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। इधर पुलिस अधीक्षक श्री तिवारी ने राज्य के तमाम जिला पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा है। उन्होंने जिले में ठगी की शिकार अथवा इससे जुड़े अन्य मामले की का जानकारी मांगी है, ताकि पीडि़ताओं को न्याय दिलाई जा ज सके। खास बात तो यह है कि पुलिस अधीक्षक श्री तिवारी के निर्देश पर २४ घंटे के भीतर ७ माइक्रो फाइनेंस बैंक के एजेंटों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। इन एजेंटों की गिरफ्तारी भी की गई है। मामले ही में सियासी पारा भी गरमाया हुआ है। भाजपा कांग्रेस के नेता एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
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