व्याख्याता डीईओ कार्यालय में सहायक संचालक का संभाल रहा जिम्मा, लोजपा जिलाध्यक्ष ने मूल पदस्थापना स्थल पर भेजने कलेक्टर से की शिकायत

कोरबा। लोक जनशक्ति पार्टी (रा.) के जिला अध्यक्ष राजकुमार दूबे ने कलेक्टर ज्ञापन सौंपा है। जिसमें उन्होंने मांग किया है कि केआर डहरिया मूल पद व्याख्याता सहायक संचालक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा को कार्यमुक्त कर मूल शाला उमावि छिंदपुर में पदस्थ किया जाए। प्रमाण स्वरूप श्री दूबे ने अपने पत्र में कई बातों का जिक्र करते हुए दस्तावेज भी कलेक्टर को सौंपे हैं। श्री दूबे ने शिकायत में कहा है कि कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी में सहायक संचालक के पद पर संलग्न केआर डहरिया का मूल पद व्याख्याता है। जो शाउमावि छिंदपुर विकासखण्ड पोडी उपरोडा पदस्थ हैं। इनके द्वारा कोरबा में प्रधान पाठक प्राथमिक शाला पदोन्नति के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी से सांठ गांठ कर कुछ शिक्षकों के मनचाहे स्थान पर पदांकन हेतु लिखित रूप से कार्यालय के सहायक ग्रेड देवनारायण चौकसे को निर्देशित किया गया था। इसके बावजूद भी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इन्हे काउंसल्रिग समिति में शामिल मिल किया गया था। जिससे प्रधान पाठक पदोन्नति पदांकन की पूरी प्रक्रिया संदेह के दायरे में आ गई। प्रक्रिया के दौरान काफी शिकायते भी हुई है। बडी संख्या में शिक्षक अपने पदस्थापना से संतुष्ट ना होकर न्यायालय की शरण में गए। उच्च न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता द्वारा भी संचालनालय को के आर डहरिया के इस कृत्य से अवगत कराया गया था, जिस पर छत्तीसगढ शासन द्वारा संदर्भित आदेशानुसार कार्यवाही कर केआर डहरिया की दो वेतनवृध्दि रोकी गई है। इसके बावजूद केआर डहरिया द्वारा शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल को धमकाया गया था। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल भी हुआ और शासन प्रशासन की छवि खराब हुई। श्री दुबे ने कहा कि इस प्रकार के विवादित व्यक्ति मूल पद व्याख्याता होने के कारण जो नियमानुसार भी सहायक संचालक के पद के योग्य नही हैं, इनके द्वारा किए गए गंभीर कृत्यों को नजर अंदाज कर आज पर्यंत तक जिला शिक्षा अधिकारी की शह पर सहायक संचालक के पद पर बने हुए हैं। जिसके कारण शासन प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है। साथ ही शिक्षकों में भी भीतर ही भीतर रोष व्याप्त है। उन्होंने मांग की है कि तत्काल के आर डहरिया को सहायक संचालक, कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी के पद से मुक्त कर मूल शाला शाउमावि छिंदपुर विकासखण्ड पोडी उपरोडा में पदस्थ किया जाए। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी के विरूध्द किए गए विभिन्न शिकायतों की जांच करवाने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा सचिव छत्तीसगढ़ शासन को भी भेजा गया है।
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