कोरबा। जिले में रबी फसल का रकबा 40 हजार 730 हेक्टेयर है। इस बार दलहन के साथ ही तिलहन फसल को बढ़ावा देने प्लानिंग की गई है। इसके साथ सूर्यमुखी की फसल का रकबा ढाई हजार से 3500 हेक्टेयर करने का निर्णय लिया है। मूंगफली का रकबा भी 500 से बढ़कर 1500 हेक्टेयर किया जा रहा है। पाली में तेल यूनिट लगाने की तैयारी है। तिलहन को बढ़ावा देने के साथ ही किसानों को अधिक दाम दिलाने तेल यूनिट लगाने तैयारी है। अभी करतला के महामाया एफपीओ के किसानों ने तेल यूनिट लगाई है। इससे उपज बाहर बेचने की जरूरत नहीं होगी। किसान रबी में धान के साथ ही गेहूं और रागी की फसल लेते हैं। इस बार गेहूं का लगभग 2452 हेक्टेयर और धान का 515 हेक्टेयर है। इसी तरह मक्का का भी 750 हेक्टेयर में फसल लेने किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। रागी की फसल करतला और पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक में ही होती है। धीरे-धीरे कर इसका रकबा अभी 25 हेक्टेयर किया है, लेकिन सबसे अधिक तिलहन को ही बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक सरसों की सबसे अधिक फसल होती रही है। इस बार भी 2500 हेक्टेयर में किसान फसल ले रहे हैं। मूंगफली का रकबा भी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। करतला में सबसे अधिक 178 हेक्टेयर में किसान फसल लेते हैं। सूर्यमुखी को बढ़ावा देने सभी ब्लॉकों में प्रोत्साहित किया जा रहा है। अलसी की फसल का रकबा 900 हेक्टेयर है। कुसुम का 2710 हेक्टेयर में फसल होती है। अब तक किसान करीब 27421 हेक्टेयर में बुवाई कर चुके हैं। सब्जी फसल का रकबा 18540 हेक्टेयर है। सब्जी की पैदावार में पाली ब्लॉक आगे है। यहां पर 6934 हेक्टेयर में किसान फसल लेते हैं। दूसरे स्थान पर करतला ब्लॉक है, जहां 4686 हेक्टेयर में सब्जी फसल होती है। कोरबा में 3115, कटघोरा में 835 और पोड़ी-उपरोड़ा में 2970 हेक्टेयर रकबा है।
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