हाई प्रोफाइल कोरबा सीट पर कांटे की टक्कर की उम्मीद,अन्य और निर्दलीय उम्मीदवार बिगाड़ सकते हैं वोटों का समीकरण
कोरबा। जिले की हाई प्रोफाइल कोरबा सीट पर हर मुकाबला कांटे का रहता है। इस बार भी कांग्रेस से जय सिंह अग्रवाल और भाजपा से लखन देवांगन अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कांग्रेस को लगातार चौथी जीत का इंतजार है तो वहीं भाजपा इस सीट पर अपना खाता खोलना चाह रही है। हालांकि अन्य पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार वोटो का समीकरण जरूर बिगाड़ सकते हैं। छत्तीसगढ़ की कोरबा विधानसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच हर बार कांटे का मुकाबला होता रहा है। इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवारों की बहुतायत से हर बार चुनावी रण का संग्राम रोचक हो जाता है। साल 2023 में होने वाले चुनाव में भी कोरबा विधानसभा सीट पर प्रदेश के सत्तारूढ़ दल कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी भाजपा के बीच ऐसा ही मुकाबला देखने को मिल सकता है। कोरबा विधानसभा सीट 2003 में अस्तित्व में आई। इस सामान्य सीट पर 2018 के विधानसभा चुनाव में 71.96 प्रतिशत मतदान हुआ था। कुल 20 प्रत्याशियों में से जीत कांग्रेस को हासिल हुई थी। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के प्रत्याशी जय सिंह अग्रवाल थे, जिन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के विकास महतो को 11,806 मतों से शिकस्त दी थी। जय सिंह ने 2013 के चुनाव में भी कोरबा से जीत हासिल की थी.कोरबा सीट के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस के जय सिंह अग्रवाल को कुल 70,119 वोट मिले थे. यह कुल वोटों का 43.28 प्रतिशत था। वहीं भाजपा की तरफ से मैदान में उतरे प्रत्याशी विकास महतो कुल 58,313 वोट ही हासिल कर सके थे. यह कुल मतदान का 35.99 प्रतिशत था।
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