कोरबा। एसईसीएल की कोयला खदानों के ठेका कर्मियों की कार्यस्थल पर ऑनलाइन हाजिरी नहीं लग रही है। मैन्युअल तरीके से ही अटेंडेंस लगाया जा रहा है। दूसरी ओर एसईसीएल के कोयला कर्मियों को ड्यूटी लगी पाली में तय समय से सिर्फ 15 मिनट का अतिरिक्त समय बायोमेट्रिक अटेंडेंस के लिए मिलेगा। देरी से पहुंचने पर नियमित कोयला कर्मियों की अटेंडेंस नहीं लग पाएगी। यूनियनों ने ठेका कामगारों की बायोमेट्रिक अटेंडेंस का मुद्दा उठाया है, लेकिन यह अभी तक लंबित है।
जिले में एसईसीएल की भूमिगत व कोयला खदानें हैं। इनमें आउटसोर्सिंग कंपनियां खनन, परिवहन व अन्य कार्य संभाल रही हैं। कट ऑफ पाइंट जारी कर भूविस्थापितों को नियमित नौकरी पर रखने से अब कई खातेदार एसईसीएल में रोजगार से वंचित हो रहे हैं। जमीन अधिग्रहण से खेती-किसानी की आजीविका छिनने के कारण आउटसोर्सिंग कंपनियों में ठेके पर अपात्र भूविस्थापितों को अस्थायी रोजगार दिया जाता है। एसईसीएल में ठेका कंपनियों के कार्यों का दायरा बढ़ा है। इससे गेवरा, दीपका व कुसमुंडा में ठेका कामगारों की संख्या बढ़ी है। इनकी बायोमेट्रिक अटेंडेंस नहीं लग रही है। दूसरी ओर एसईसीएल के नियमित कोयला कर्मियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य रूप से लागू कर दिया है। नियमित कर्मियों की जनरल ड्यूटी सुबह 8 बजे से, प्रथम पाली सुबह 6 बजे, द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे और तृतीय पाली रात 10 बजे से शुरू होती है। तय समयावधि के बाद 15 मिनट ही अतिरिक्त समय बायोमेट्रिक अटेंडेंस से हाजिरी लगाने के लिए मिलेगा। एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना के प्रोडक्शन इंचार्ज ने जारी कार्यालय आदेश में कहा है कि तय समयावधि के भीतर एमटीके रूम में कोयला कर्मचारी हाजिरी लगाएं। अन्यथा उपस्थिति दर्ज नहीं किए जाने पर स्वयं जिम्मेदार होंगे।खदानों के ठेका कर्मियों की ऑनलाइन अटेंडेंस से कार्यरत मजदूरों की वास्तविक संख्या भी सामने आएगी। लेकिन एसईसीएल प्रबंधन ने अभी तक बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी अनिवार्य नहीं की है। कुसमुंडा खदान में लगभग 2700 ठेका कर्मचारी कोयला उत्पादन, परिवहन व अन्य कार्यों में लगाए गए हैं। 3200 के करीब नियमित कर्मचारी हैं। इसी तरह गेवरा व दीपका खदान में भी 2 हजार से अधिक ठेका मजदूर कार्यरत हैं।
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