कोरबा। गणेश उत्सव में आस्था के साथ सुरक्षा और जागरूकता का संदेश घर-घर पहुंचाने की तैयारी पुलिस ने शुरू कर दी है। इस बार जिले के गणेश पंडाल केवल धार्मिक आयोजन के केंद्र नहीं होंगे, बल्कि साइबर जागरूकता के केंद्र भी बनेंगे। पुलिस ने गणेश समितियों से पंडालों में साइबर जागृति अभियान के पोस्टर लगाने और श्रद्धालुओं को ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताने की अपील की है। इसके साथ ही पुलिस ने पंडालों की सुरक्षा, यातायात, विद्युत व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, डीजे और प्रतिमा विसर्जन को लेकर समितियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
गणेश चतुर्थी एवं आगामी गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस ने जिले के विभिन्न गणेश पंडालों के आयोजकों, गणेश समितियों और डीजे संचालकों की अलग-अलग बैठक ली। बैठक में पुलिस अधिकारियों ने आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। पुलिस की इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू साइबर जागरूकता है। समितियों से कहा गया है कि वे अपने पंडालों में साइबर जागृति अभियान के पोस्टर अनिवार्य रूप से लगाएं। पंडाल में आने वाले श्रद्धालुओं को ओटीपी साझा नहीं करने, यूपीआई फ्रॉड, फर्जी केवाईसी, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश ठगी और फर्जी लिंक से होने वाली ठगी के प्रति जागरूक किया जाएगा। पुलिस ने अपील की है कि गणेश पंडाल से साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए। ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी लोगों को दी जाएगी। पुलिस ने सभी समितियों, डीजे संचालकों और नागरिकों से आस्था के साथ अनुशासन और उत्सव के साथ जागरूकता का परिचय देते हुए गणेश उत्सव मनाने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यातायात बाधित करने, ध्वनि प्रदूषण फैलाने, शांति भंग करने अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी और फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य
पंडाल आयोजकों को परिसर और आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त रोशनी रखने तथा सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। पंडाल में पर्याप्त क्षमता का फायर एक्सटिंग्विशर रखने और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। विद्युत कनेक्शन और वायरिंग की जांच सक्षम विद्युतकर्मी से कराने तथा खुले तार, लूज वायर और असुरक्षित कनेक्शन को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए।
सड़क घेरकर नहीं लगेंगे पंडाल
पुलिस ने समितियों को यह भी स्पष्ट किया कि पंडाल इस तरह नहीं लगाए जाएं, जिससे यातायात और आम नागरिकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो। विसर्जन के लिए निर्धारित मार्ग और स्थल का ही उपयोग करना होगा। प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा निर्धारित विसर्जन स्थलों पर ही प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा। पुलिस ने रात्रि में विसर्जन से बचने की हिदायत देते हुए कार्यक्रम का समय पहले से निर्धारित करने कहा है।
डीजे पर भी रहेगी पुलिस की नजर
गणेश उत्सव के दौरान डीजे संचालन को लेकर भी अलग से बैठक ली गई। डीजे संचालकों को निर्धारित डेसिबल सीमा और समय-सीमा का अनिवार्य रूप से पालन करने कहा गया है। नियमों का उल्लंघन कर तेज आवाज में डीजे बजाने या निर्धारित समय के बाद संचालन करने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
नशे में उपद्रव किया तो कार्रवाई
पुलिस ने गणेश पंडाल और विसर्जन कार्यक्रम के दौरान शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ का सेवन कर उपद्रव करने वालों पर सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं। समितियों को पंडाल परिसर में नशे का सेवन नहीं होने देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने कहा गया है।
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