कोरबा। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध 118 कॉलेजों में तीसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी 46.83 फीसदी सीटें खाली हैं। खाली सीटों को भरने के लिए शासन ने प्रवेश की अंतिम तारीख एक बार फिर बढ़ाकर 19 सितंबर कर दी है, लेकिन इस राहत के बीच छुट्टियों का पेंच फंस गया है। 19 सितंबर तक विद्यार्थियों को दाखिले के लिए महज चार कार्यदिवस ही मिलेंगे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इतने कम समय में करीब आधी खाली सीटें भर पाएंगी?
विश्वविद्यालय में सामान्य काउंसलिंग के साथ तीन चरणों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रह गईं। पहले 31 जुलाई तक प्रवेश की समय-सीमा तय थी। सीटें नहीं भरने पर इसे बढ़ाकर 14 अगस्त किया गया। इसके बाद 31 अगस्त तक प्रवेश का अवसर दिया गया, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। अब शासन ने 11 सितंबर को आदेश जारी कर तीसरी बार तारीख बढ़ाते हुए 19 सितंबर को अंतिम तिथि निर्धारित की है। 19 सितंबर तक की समय-सीमा में विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्यदिवसों की कमी है। 13 सितंबर को रविवार, 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी/हरितालिका तीज और 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती का अवकाश है। इसके चलते विद्यार्थियों को दस्तावेज सत्यापन, मेरिट सूची, प्रवेश प्रक्रिया और शुल्क जमा करने के लिए 15, 16, 18 और 19 सितंबर यानी केवल चार कार्यदिवस ही मिलेंगे।
आखिरी मौका, फिर नहीं बढ़ेगी तारीख
शासन ने इस बार स्पष्ट किया है कि 19 सितंबर के बाद प्रवेश का अवसर नहीं दिया जाएगा। ऐसे में विश्वविद्यालय और कॉलेजों के सामने कम समय में बड़ी संख्या में रिक्त सीटों को भरने की चुनौती है। विद्यार्थियों को भी अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जा रही है।
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