कोरबा। बिलासपुर में लंबे समय तक खड़ी रहने वाली यात्री ट्रेनों का विस्तार कोरबा तक करने की मांग उठी है। इस संबंध में कलेक्टर, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक व डीआरएम को ज्ञापन सौंपकर रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस, इंदौर-बिलासपुर एक्सप्रेस, भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस और चिरमिरी-बिलासपुर एक्सप्रेस का परिचालन कोरबा तक करने की मांग सीटू द्वारा की गई है। इसके साथ ही हसदेव एक्सप्रेस को गेवरा रोड स्टेशन से चलाने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त ट्रेनें बिलासपुर पहुंचने के बाद औसतन 10 से 20 घंटे तक खड़ी रहती हैं। ऐसे में इनके फेरे और परिचालन में बदलाव कर कोरबा तक विस्तार किया जा सकता है। इससे कोरबा जिले के यात्रियों को बिलासपुर से आगे की यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। ज्ञापन में कोरबा को प्रदेश का प्रमुख कोयला और ऊर्जा केंद्र बताते हुए कहा गया है कि एसईसीएल की गेवरा, कुसमुंडा, दीपका और कोरबा जैसी बड़ी परियोजनाओं में बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं। मध्यप्रदेश के कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर तथा छत्तीसगढ़ के कोरिया, सरगुजा और सूरजपुर सहित विभिन्न जिलों से लोगों का कोरबा आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में इन ट्रेनों का कोरबा तक विस्तार होने से हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
वहीं कोरबा पश्चिम क्षेत्र की करीब पांच लाख आबादी को ध्यान में रखते हुए हसदेव एक्सप्रेस का परिचालन गेवरा रोड स्टेशन से शुरू करने की मांग की गई है। मांगकर्ताओं का कहना है कि इससे यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। ज्ञापन में रेल प्रबंधन से जल्द निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा गया है कि लंबे समय से यात्री सुविधाओं को लेकर मांग की जा रही है। यदि मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए बाध्य हो सकती है।
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