कोरबा। एक कंपनी में कमीशन एजेंट बनाने के नाम पर 88,500 रुपए की ठगी किए जाने की शिकायत सामने आई है। मामले में पुलिस ने हरीश कुमार की रिपोर्ट पर कम्पनी के कर्मचारी निशापाल, डायरेक्टर सूरज साल्वे तथा आदिल सुलमानी के विरुद्ध धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार हरीश कुमार स्नातक की पढ़ाई कर रहा है और बेरोजगार है। इसी दौरान उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर कंपनी का विज्ञापन आया, जिसमें हर जिले में कमीशन एजेंट नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई थी। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने के प्रयास के बाद संबंधित लोगों की ओर से उसे फोन आया और कंपनी के बारे में जानकारी दी गई। आरोप है कि उसे बताया गया कि कंपनी में सुरक्षा निधि के रूप में 88,500 रुपए जमा करने पर कमीशन एजेंट के तौर पर प्रतिमाह 30 से 40 हजार रुपए तक कमाई हो सकती है। इस ऑफर से प्रभावित होकर हरीश ने फोन-पे के जरिए कंपनी के खाते में दो किस्तों में 88,500 रुपए जमा कर दिए। शिकायतकर्ता के मुताबिक रकम जमा करने के बाद उसने डिलीवरी बॉय की व्यवस्था कर काम शुरू किया, लेकिन दो-तीन दिन बाद ई-कार्ड हब इंचार्ज ने उसके अधीन काम करने वाले डिलीवरी लडक़ों को पार्सल देना बंद कर दिया। इसकी जानकारी कम्पनी के डायरेक्टर सूरज साल्वे सहित निशापाल और आदिल सुलमानी को दी गई, लेकिन करीब तीन माह तक कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला। हरीश ने आरोप लगाया है कि रकम वापस मांगने पर मोबाइल फोन पर गाली-गलौज और धमकी भी दी गई। इसके बाद उसे अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ। शिकायत में यह भी बताया गया है कि संबंधित कंपनी के खाते को 29 मार्च 2026 को फ्रीज कराया गया, जिसमें 59,475 रुपए ही बताए गए हैं। शेष रकम के गबन का आरोप शिकायतकर्ता ने संबंधित लोगों पर लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कम्पनी से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपों की वास्तविकता और रकम के लेन-देन सहित अन्य तथ्यों की जांच विवेचना के दौरान की जाएगी।
![]()
































