कोरबा। पिछले दिनों 12वीं के हिंदी पेपर के लीक होने की घटना से सबक लेते हुए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने इस बार प्रश्न पत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर कड़ाई बरती है। बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्रों को मंडल (मुख्यालय) से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए एक नई और सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू की गई है। बता दें कि 12वीं हिंदी की परीक्षा अब 10 अप्रैल को दोबारा होगी। इस बार प्रश्न पत्रों का परिवहन साधारण वाहनों के बजाय जीपीएस लॉक युक्त युक्त कंटेनर वाहनों से किया जा रहा है। इन वाहनों की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए एक विशेष मॉनीटरिंग टीम तैनात की गई है। सुरक्षा का स्तर इतना कड़ा है कि समन्वय केंद्र पहुंचने पर कंटेनर का जीपीएस लॉक तभी खोला जाएगा जब मंडल के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉल के माध्यम से इसकी पुष्टि की जाएगी। यह प्रक्रिया पार्टी ऑफिसर और नोडल अधिकारी की उपस्थिति में ही होगी। गोपनीय सामग्री की सुरक्षा के लिए वन टाइम लॉक (ओटीएल) का उपयोग किया जा रहा है। प्रत्येक ताले का एक यूनिक नंबर है। नंबर है, जिसे बाकायदा रजिस्टरों (प्रपत्रों) में दर्ज किया जा रहा है। इन तालों को काटने के लिए केंद्र अध्यक्षों को अपने साथ कैंची या कटर लेकर पुलिस थाने जाना होगा। थाने से प्रश्न पत्र निकालते समय तहसीलदार, नायब तहसीलदार या उच्च राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। गड़बड़ी की किसी भी गुंजाइश को खत्म करने के लिए स्ट्रॉन्ग रूम को खोलने और बंद करने की हर बार वीडियोग्राफी कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त: परिवहन अधिकारी केवल निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार ही सामग्री को थानों तक पहुंचाएंगे। प्रश्न पत्रों के हर पैकेट का मिलान विषयवार और संख्यावार इनवाइस से किया जाएगा। मंडल ने जिला प्रशासन को भी इस प्रक्रिया में पूरी तरह शामिल किया है। अतिरिक्त कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सामग्री वितरण के लिए अधिकारियों का चयन लॉटरी पद्धति से किया गया है ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। इन कड़े प्रावधानों के माध्यम से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है।
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