कोरबा। आबकारी विभाग की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए तस्कर के शयन कक्ष से एक किलो 200 ग्राम गांजा बरामद कर लिया। मामले में आरोपी के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। करीब तेरह माह तक चली सुनवाई के बाद दोषसिद्ध होने पर दोषी को दो साल सश्रम कारावास व दस हजार अर्थदंड से दंडित किया गया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट के न्यायालय ने दिया है।
न्यायालयीन सूत्रों के मुताबिक मामला 23 मई 2025 को करतला थानांतर्गत ग्राम नोनबिर्रा में सामने आया था। दरअसल आबकारी वृत्त कोरबा दक्षिण की टीम पेट्रोलिंग पर निकली थी। इसी दौरान वृत्त प्रभारी मुकेश पांडेय को मुखबीर से सूचना मिली कि नोनबिर्रा में रहने वाले एक व्यक्ति बड़े पैमाने पर तस्करी के लिए गांजा रखा हुआ है। वृत्त प्रभारी ने सहायक आयुक्त आबकारी आशा सिंह को अवगत कराया। उनके निर्देश पर टीम ने नोनबिर्रा में रहने वाले सलीम मोहम्मद 48 वर्ष के घर दबिश दी। टीम को तलाशी के दौरान सलीम के शयन कक्ष से 1 किलो 200 ग्राम गांजा मिले। मामले में आरोपी के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट गरिमा शर्मा के न्यायालय में चल रही थी। विशेष लोक अभियोजक टीकम साव द्वारा सुनवाई के दौरान गवाहों को पेश किया गया, लेकिन आबकारी अधिकारियों की गवाही, विवेचना तथा एफएसएल रिपोर्ट में मिले तथ्य दोषसिद्ध करने पर्याप्त था। इस संबंध में लोक अभियोजक ने भी पर्याप्त तर्क दिए, जिससे आरोपी को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने दो साल सश्रम कारावास व 10 हजार अर्थदंड से दंडित किया है। दोषी को अर्थदंड अदा नही करने पर एक माह अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।
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