कोरबा। इस वर्ष हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का पर्व एक ही दिन 14 सितंबर, सोमवार को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार करीब 20 वर्ष बाद ऐसा स्पष्ट संयोग बना है, जब तृतीया और चतुर्थी तिथि एक ही दिन पड़ रही हैं। इसे लेकर महिलाओं और गणेश भक्तों में विशेष उत्साह है।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार 14 सितंबर को सूर्योदय के समय तृतीया तिथि रहेगी, जो सुबह 7.06 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार सूर्योदय के समय तृतीया तिथि दो घटी से अधिक रहने पर उसी दिन हरतालिका तीज का व्रत मान्य होता है। वहीं गणेश चतुर्थी के लिए चतुर्थी तिथि का मध्याह्न व्यापिनी होना आवश्यक माना जाता है। ऐसे में दोनों पर्व 14 सितंबर को ही मनाए जाएंगे। तृतीया तिथि सुबह 7.06 बजे तक रहेगी और इसके बाद चतुर्थी शुरू होगी। तृतीया के चतुर्थी युक्त होने के कारण हरतालिका तीज का पूजन 14 सितंबर की शाम प्रदोष काल में भी किया जा सकेगा। हरतालिका तीज के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6.05 से 7.06 बजे तक रहेगा। जो महिलाएं इस अवधि में पूजा नहीं कर पाएंगी, वे शाम के प्रदोष काल में भी पूजा कर सकती हैं। वहीं गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11.02 बजे से दोपहर 1.31 बजे तक रहेगा। चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह 7.06 बजे से शुरू होकर 15 सितंबर की सुबह 7.44 बजे तक रहेगी।
25 सितंबर को होगा गणेशोत्सव का समापन
गणेश चतुर्थी के साथ शुरू होने वाला गणेशोत्सव इस वर्ष भी दस दिनों तक चलेगा। विभिन्न स्थानों पर भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना के बाद धार्मिक आयोजन होंगे और 25 सितंबर को गणेशोत्सव का समापन किया जाएगा। एक ही दिन हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी पडऩे से इस बार पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह और भी खास रहने वाला है।
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