बांकीमोंगरा। थाना बांकीमोंगरा को नए भवन में शिफ्ट किए जाने के बाद पुराने थाना परिसर को पुलिस विभाग के आवासीय उपयोग में लिया गया, लेकिन आज स्थिति यह है कि पुराने थाने के सामने का हिस्सा वाहन मालिकों ने मानो अपना निजी पार्किंग स्थल बना लिया है। आए दिन यहां वाहन खड़े किए जा रहे हैं और पुलिस आवासीय परिसर में रहने वाले कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
वहीं दूसरी ओर परिसर की स्थिति भी बदहाल होती जा रही है। जगह-जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है। परिसर में स्थित फलदार जामुन के विशाल वृक्ष को गत वर्ष काट दिया गया था, लेकिन उसके टूटे हुए और भारी अवशेष आज भी वहीं पड़े हुए हैं। कुछ मोटी टहनियों को जरूर हटा लिया गया, लेकिन बाकी लकड़ी और अवशेष लंबे समय से खतरे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं।
सवाल यह है कि आखिर पुलिस विभाग को इस पुराने थाना परिसर की सुध लेने की फुर्सत कब मिलेगी?
बंद पड़े थाने का बेहतर उपयोग क्यों नहीं?
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि बंद पड़े पुराने थाना परिसर का उपयोग केवल उपेक्षा और अव्यवस्था के लिए नहीं, बल्कि बांकीमोंगरा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जाना चाहिए।
मांग है कि पुराने थाना भवन में डायल 112 की टीम को स्थान दिया जाए, ताकि बांकीमोंगरा के मुख्य चौक और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की त्वरित पहुंच सुनिश्चित हो सके।
बांकीमोंगरा का मुख्य चौक क्षेत्र व्यस्त इलाका है। यहां बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और लोगों की लगातार आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में मुख्य चौक के नजदीक डायल 112 की मौजूदगी होने से किसी भी आपात स्थिति, विवाद, चोरी या अन्य आपराधिक घटना में पुलिस को मौके पर पहुंचने में आसानी होगी।
ज्वेलरी दुकानों की सुरक्षा पर भी उठ रहे सवाल
क्षेत्र में संचालित ज्वेलरी दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है। हाल के दिनों में चोरी, लूट और आपराधिक घटनाओं को देखते हुए ज्वेलरी दुकानों की सुरक्षा को नजरअंदाज करना किसी बड़ी घटना का इंतजार करने जैसा साबित हो सकता है।
क्या पुलिस विभाग किसी बड़ी वारदात के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करेगा?
मांग की जा रही है कि बांकीमोंगरा के मुख्य चौक सहित क्षेत्र की समस्त ज्वेलरी दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस इंतजाम किए जाएं, नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।
पार्किंग और कचरे से बेहतर है सुरक्षा चौकी का उपयोग
एक ओर जहां पुराने थाना परिसर को वाहन पार्किंग का अड्डा बनने दिया जा रहा है और परिसर में कचरे व कटे हुए पेड़ों के अवशेष पड़े हुए हैं, वहीं दूसरी ओर इसी स्थान का उपयोग क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए किया जा सकता है।
आखिर क्यों एक महत्वपूर्ण सरकारी परिसर को अव्यवस्था के हवाले किया जा रहा है?
बांकीमोंगरा की जनता की मांग है कि पुलिस विभाग तत्काल पुराने थाना परिसर की साफ-सफाई कराए, अनधिकृत वाहन पार्किंग पर रोक लगाए और सबसे महत्वपूर्ण बात—पुराने थाना भवन में डायल 112 की व्यवस्था कर बांकीमोंगरा मुख्य चौक एवं क्षेत्र की ज्वेलरी दुकानों सहित संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा को मजबूत किया जाए।
अब देखना यह होगा कि पुलिस विभाग इस गंभीर मांग पर कब संज्ञान लेता है, या फिर हमेशा की तरह किसी बड़ी घटना के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारों की नींद खुलेगी।
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