कोरबा। करतला वन परिक्षेत्र के चिकनीपाली पहाड़ पर पिछले करीब 15 दिनों से डेरा जमाए हाथियों के दल ने बीती रात पहाड़ से नीचे उतरकर लबेद गांव के खेतों में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने कई घंटे तक खेतों में विचरण करते हुए पांच ग्रामीणों की धान की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया। फसल नुकसान के बाद हाथियों का दल जंगल के रास्ते चिताखोल पहुंच गया, जहां डेम के आसपास उनकी मौजूदगी बनी हुई है।
बताया गया कि एक दर्जन से अधिक हाथी पिछले करीब दो सप्ताह से चिकिनीपाली पहाड़ पर ही टिके हुए थे। हाथियों के पहाड़ पर सीमित रहने से ग्रामीणों के साथ वन अमले ने भी राहत की सांस ली थी। लेकिन बीती रात दल के नीचे उतरने और खेतों में पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लबेद में धान की फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथियों ने चिताखोल की ओर रुख किया। हाथियों की मौजूदगी की सूचना के बाद वन विभाग का अमला लगातार निगरानी कर रहा है। चिताखोल और आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों को हाथियों के नजदीक नहीं जाने तथा जंगल और खेतों की ओर अकेले नहीं जाने की हिदायत दी गई है।
कटघोरा वन मंडल में भी सक्रिय है हाथियों का दल
इधर, कटघोरा वन मंडल में भी बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की परेशानी बनी हुई है। पसान, जटगा, केंदई और एतमानगर क्षेत्र में हाथियों के दल के विचरण की सूचना है। वन विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और ग्रामीणों को सतर्क करने का काम किया जा रहा है।
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