कोरबा। आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि गलत है या किसी अन्य शासकीय दस्तावेज से मेल नहीं खाती है तो उसे सुधारना अब पहले की तुलना में अधिक दस्तावेजी प्रक्रिया वाला हो गया है। जन्मतिथि में संशोधन के लिए जन्म प्रमाण पत्र जरूरी कर दिया गया है। जिले के आधार सेवा केंद्रों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग जन्मतिथि सुधार के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र नहीं होने से कई आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र अब विभिन्न शासकीय सेवाओं में महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। पुराने हस्तलिखित जन्म प्रमाण पत्र में डिजिटल सत्यापन की सुविधा नहीं होने के कारण उसके आधार पर आधार में जन्मतिथि अपडेट नहीं हो सकेगी। ऐसे लोगों को अपने पुराने प्रमाण पत्र को डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज कराकर क्यूआर कोड वाला डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। यदि जन्म का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है तो नियमानुसार कार्यपालिक दंडाधिकारी के आदेश के आधार पर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य में आधार सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं में जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता बढऩे के कारण नागरिकों के लिए इसका डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण होगा।
18 साल से कम उम्र में आधार के लिए भी जरूरी
नियमों के तहत 18 वर्ष से कम आयु के लोगों का आधार बनवाने अथवा उसमें सुधार कराने के लिए जन्म प्रमाण पत्र को अनिवार्य दस्तावेज किया गया है। पहले कई मामलों में आधार में जन्मतिथि अनुमान या स्व-घोषणा के आधार पर दर्ज हो जाती थी। जन्मतिथि और उम्र में गलत तरीके से बदलाव की शिकायतों को रोकने के लिए अब डिजिटल सत्यापन वाली व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।
जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना तो जल्द कराएं पंजीयन
जिन लोगों का जन्म प्रमाण पत्र अब तक नहीं बना है, उन्हें इसकी प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की सलाह दी गई है। जन्म स्थान के आधार पर आवेदन की प्रक्रिया अलग होगी। गांव में जन्म होने पर ग्राम पंचायत और शहरी क्षेत्र में जन्म होने पर संबंधित नगरीय निकाय में आवेदन किया जा सकता है। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा।
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