कोरबा। एतमानगर रेंज के बंजारी परिसर में विचरण कर रहे 19 हाथियों के दल ने एक बार फिर वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। दल के 18 हाथी बीती रात जंगल के रास्ते गुरसिया परिसर के ठाढ़पखना गांव पहुंच गए, जबकि एक उत्पाती लोनर हाथी अलग होकर रिंगनिया की ओर निकल गया। रिंगनिया पहुंचते ही लोनर ने एक ग्रामीण के खेत में लगी धान की फसल को रौंदकर नुकसान पहुंचाया। हालांकि ठाढ़पखना में पहुंचे हाथियों के झुंड ने फिलहाल किसी तरह की जन-धन हानि नहीं की है।
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। ठाढ़पखना समेत प्रभावित क्षेत्र के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। लोगों को हाथियों के नजदीक नहीं जाने और जंगल की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है। वन अमला हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। एक दिन पहले यही हाथियों का दल बंजारी परिसर में विचरण कर रहा था। इस दौरान कुछ वन कर्मचारी टॉवर के नीचे काम कर रहे थे। अचानक हाथियों का दल वहां पहुंच गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हाथियों को नजदीक आता देख वन कर्मचारियों ने टॉवर पर चढक़र अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल के सदस्य मौके पर पहुंचे। टीम ने हाथियों को वहां से हटाया, जिसके बाद टॉवर पर फंसे कर्मचारियों को सुरक्षित नीचे उतारा गया। अब हाथियों के अलग-अलग दिशाओं में बढऩे के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में विशेष निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है।
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