कोरबा। शहर के राताखार बायपास किनारे स्थित प्राथमिक शाला तुलसीनगर में रविवार को तेज रफ्तार हाइवा बाउंड्रीवॉल तोडक़र घुस गया। हादसे में स्कूल की बाउंड्रीवॉल क्षतिग्रस्त होने के साथ लगा बोर्ड और किनारे का बिजली खंभा भी चपेट में आ गया। गनीमत रही कि रविवार की छुट्टी होने के कारण स्कूल में बच्चे मौजूद नहीं थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
राताखार बायपास मार्ग पर 24 घंटे भारी वाहनों का दबाव रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार वाहनों की रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से सडक़ किनारे स्थित स्कूलों के सामने हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। रविवार की घटना ने एक बार फिर स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में करीब छह प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं, जो सीधे मुख्य मार्ग या भारी वाहन मार्ग से लगे हुए हैं। गेरवाघाट के नदियाखंड, जूनापारा दर्री, रिस्दी, बालको, कोहडिय़ा सहित अन्य स्थानों पर सडक़ किनारे स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों के आसपास दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। हाइवा की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सडक़ किनारे बनी स्कूल की बाउंड्रीवॉल तक सुरक्षित नहीं रह पा रही है। ऐसे में स्कूल समय में यदि कोई भारी वाहन अनियंत्रित हुआ तो बच्चों की जान पर बन सकती है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने स्कूलों के सामने स्पीड ब्रेकर, संकेतक, रफ्तार नियंत्रण और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले ही संवेदनशील स्कूलों को चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
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