कोरबा। सीतामढ़ी क्षेत्र की माटी मूर्तिकार विकास समिति ने गणेश प्रतिमाओं के निर्माण में कुछ संगठनों द्वारा कथित रूप से बाधा उत्पन्न किए जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। समिति ने मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप करने तथा मूर्ति निर्माण में जबरिया अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि शहर के मूर्तिकार भारतीय संस्कृति और श्रद्धालुओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्राकृतिक आसन में विराजमान गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं। समिति की ओर से पहले ही आधुनिक आसन और डिजाइन वाली प्रतिमाओं के निर्माण पर रोक लगाने का निर्णय लिया जा चुका है। इसके बावजूद शहर के एक संगठन द्वारा विभिन्न मूर्ति पंडालों में पहुंचकर अपने सिद्धांतों से संबंधित पर्चे वितरित किए गए और प्राकृतिक आसन में बनाई जा रही प्रतिमाओं में सुधार करने की बात कही गई। समिति का आरोप है कि इसके बाद इसी मुद्दे को लेकर कार्टून मूर्तियों, बाल स्वरूप की प्रतिमाओं और एआई से तैयार मूर्तियों का हवाला देते हुए प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मूर्तिकारों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। समिति अध्यक्ष का कहना है कि बिना वास्तविक स्थिति की जांच किए इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। यदि किसी प्रतिमा के निर्माण में निर्धारित नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो उस पर कार्रवाई करने के लिए प्रशासन सक्षम है।समिति ने यह भी सवाल उठाया कि शहर में बाहर से मंगाई जाने वाली प्रतिमाओं के संबंध में भी समान रूप से नियमों का पालन कराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा प्रतिमा निर्माण को लेकर कोई निर्धारित मापदंड या प्रतिबंध तय किया गया है तो उसका पालन सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। समिति ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर मूर्तिकारों को अनावश्यक दबाव और हस्तक्षेप से राहत दिलाने की मांग की है।
जबरिया रोक से मूर्तिकारों में नाराजगी
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर नियमों के अनुसार कार्रवाई किए जाने पर समिति को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कुछ संगठनों द्वारा स्वयं ही मूर्ति निर्माण की प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया जा रहा है। इससे स्थानीय मूर्तिकारों में परेशानी और नाराजगी की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन को सीधे मूर्तिकारों के काम में अवरोध पैदा करने के बजाय पहले संबंधित समितियों के साथ बैठक कर अपनी बात रखनी चाहिए।
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