कोरबा। हसदेव बांगो बांध ने इस मानसून में जलप्रबंधन का नया रिकॉर्ड दर्ज किया है। बांध निर्माण के 34 साल बाद पहली बार लगातार 16 दिनों तक जलद्वार खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी। 15 अगस्त को जलस्तर तेजी से बढऩे के बाद शुरू हुई गेट खोलने की प्रक्रिया में एक समय 11 में से 10 गेट तक खोलने की नौबत आ गई थी। अब पानी की आवक घटने के साथ जलद्वारों को धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है। रविवार को खुले तीन गेट भी बंद कर दिए गए।
फिलहाल बांध का जलस्तर 358.14 मीटर है और जलभराव करीब 91 प्रतिशत है। बांध की अधिकतम क्षमता 359.66 मीटर है। हालांकि 358 मीटर से अधिक जलस्तर होने पर सुरक्षा और जलप्रबंधन की दृष्टि से गेट खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। ऐसे में यदि आने वाले दिनों में बारिश के कारण बांध में पानी की आवक दोबारा बढ़ती है तो जलद्वार फिर खोले जा सकते हैं। इस मानसून में बांगो बांध से अधिकतम 42 हजार क्यूसेक पानी जलद्वारों के जरिए नदी में छोड़ा गया। पानी की आवक में उतार-चढ़ाव के मुताबिक गेटों की संख्या और पानी छोडऩे की मात्रा लगातार घटाई-बढ़ाई जाती रही। शनिवार को दो गेट बंद किए जाने के बाद तीन गेट खुले रखे गए थे, जिन्हें रविवार को बंद कर दिया गया। वर्तमान में हाइडल पावर प्लांट पूरी क्षमता से संचालित हो रहा है। इसके माध्यम से करीब 9 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। बारिश का दौर जारी होने के कारण फिलहाल सिंचाई के लिए पानी की मांग नहीं है, इसके बावजूद नदी के जलस्तर को सामान्य बनाए रखने के लिए नहरों के माध्यम से पानी छोड़ा जा रहा है।वर्तमान में बांध में पानी की आवक कम हुई है, इसलिए गेट बंद किए गए हैं। यदि बारिश के कारण जलभराव और पानी की आवक दोबारा बढ़ती है तो परिस्थितियों के अनुसार जलद्वार खोलने पर फिर विचार किया जाएगा।
दरी बैराज में रोज खुल रहे गेट
बांगो के गेट बंद होने के बावजूद दरी बैराज में जलप्रबंधन की कवायद जारी है। यहां अभी रोजाना गेट खोलने की स्थिति बन रही है। इसका प्रमुख कारण बैराज का जलस्तर 941 फीट बनाए रखना है। निर्धारित स्तर से पानी अधिक होने पर गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है।
![]()
































