कोरबा। राजस्व संबंधी जानकारी और दस्तावेज हासिल करने के लिए अब किसानों को पटवारी कार्यालय, तहसील या लोक सेवा केंद्र के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। शासन ने भुइयां वाट्सएप चैटबॉट और ऑटो-डायवर्जन सेवा शुरू की है। इसके माध्यम से किसान घर बैठे अपनी जमीन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे।
खास बात यह है कि जिन किसानों के खसरा रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर लिंक है, उनके मोबाइल वाट्सएप पर जमीन संबंधी दस्तावेज और जानकारी के लिंक भेजे जा रहे हैं। शासन स्तर पर इस सेवा की शुरुआत जुलाई माह में की गई थी। किसानों को चरणबद्ध तरीके से वाट्सएप के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों के मोबाइल पर भुइयां छत्तीसगढ़ के वेरिफाइड वाट्सएप अकाउंट से संदेश भेजा जा रहा है। इसमें अलग-अलग लिंक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसान लिंक पर क्लिक करते ही संबंधित जमीन की जानकारी वाली पीडीएफ मोबाइल पर खोल सकता है। इसे जरूरत के अनुसार डाउनलोड कर सुरक्षित रखा जा सकता है और आवश्यकता पडऩे पर इसका प्रिंट भी निकाला जा सकता है।
नामांतरण की तारीख सहित अन्य जानकारी भी मिलेगी
भुइयां चैटबॉट के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही जानकारी में जमीन के बी-1 दस्तावेज में दर्ज विवरण देखा जा सकता है। इसमें खातेदार किसान का नाम, भूमि से संबंधित विवरण और नामांतरण से जुड़ी जानकारी जैसी प्रविष्टियां उपलब्ध रहेंगी। जमीन के रिकॉर्ड में हुए जरूरी अपडेट भी डिजिटल माध्यम से देखने की सुविधा मिलेगी। मोबाइल पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से रिकॉर्ड देखा और डाउनलोड किया जा सकेगा।
नंबर बदलने पर रिकॉर्ड को करना होगा अपडेट
भुइयां वाट्सएप सेवा का लाभ लेने के लिए किसान के जमीन रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर दर्ज और लिंक होना जरूरी है। खसरे के साथ मोबाइल नंबर लिंक होने पर संबंधित जानकारी वाट्सएप के माध्यम से भेजी जा रही है। जिन किसानों का मोबाइल नंबर रिकॉर्ड में अपडेट नहीं है, उन्हें पहले राजस्व रिकॉर्ड में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराने की आवश्यकता होगी। मोबाइल नंबर बदलने की स्थिति में रिकॉर्ड को अपडेट कराना जरूरी होगा।
गिरदावरी की जानकारी भी मोबाइल पर मिल जाएगी
इस सेवा की एक अहम सुविधा गिरदावरी की जानकारी है। किसान अपने मोबाइल पर भेजे गए लिंक के माध्यम से अपनी जमीन की गिरदावरी से संबंधित विवरण देख सकेंगे। खेती-किसानी के लिहाज से गिरदावरी रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होता है। इसमें खेत और फसल से जुड़ी जानकारी दर्ज होती है। बैंक, कृषि कार्य या अन्य जरूरतों के दौरान जमीन संबंधी दस्तावेज की जरूरत पडऩे पर डिजिटल रिकॉर्ड से जानकारी आसानी मे मिली जाएगी।
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