कोरबा। प्याज की बढ़ती कीमतों ने अब सीधे घरों की रसोई का बजट प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बाजार में प्याज का भाव 60 से 70 रुपए किलो तक पहुंचने के बाद लोगों ने इसकी खरीदारी में कटौती कर दी है। कुछ समय पहले तक परिवार सप्ताह या महीने की जरूरत के हिसाब से एक साथ 4-5 किलो प्याज खरीदकर रखते थे, लेकिन अब अधिकांश लोग एक-दो किलो से ही काम चला रहे हैं। सब्जियों और दूसरे व्यंजनों में भी प्याज की मात्रा घटने लगी है।
लगातार महंगी हो रही सब्जियों के बीच प्याज के दाम में तेजी ने घरेलू बजट का गणित और बिगाड़ दिया है। खासकर सीमित आय वाले और रोज कमाकर खाने वाले परिवारों को भोजन की दूसरी जरूरतों के बीच खर्च का संतुलन बनाना पड़ रहा है। महंगाई का असर खरीदारी के तरीके पर भी साफ नजर आ रहा है। पहले ज्यादा मात्रा में प्याज खरीदकर रखने वाले ग्राहक अब जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी कर रहे हैं। सब्जियों के बढ़ते दाम के बीच सबसे ज्यादा असर प्याज की कीमत में देखने को मिल रहा है। व्यापारियों के अनुसार प्याज के भाव में तेजी के पीछे आवक और आपूर्ति से जुड़ी परिस्थितियां प्रमुख कारणों में शामिल हैं। यदि बाजार में पर्याप्त आवक नहीं बढ़ी तो आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
दूसरी सब्जियों के भाव भी चढ़े
नगर के बाजार में प्याज 60 से 70 रुपए किलो बिक रहा है। इसके अलावा टमाटर 30, कुंदरू 60, परवल 80, करेला 80, पत्तागोभी 40, फूलगोभी 80, बरबट्टी 40, बैंगन 40 और आलू 20 रुपए किलो है। वहीं गंवारफली 30, सेम 60, खेक्सी 100, लालभाजी 60 और धनिया पत्ती 100 रुपए किलो बिक रही है।
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