कोरबा। स्कूलों में तिमाही परीक्षा और सेवा संकल्प अभियान एक साथ होने के कारण असमंजस की स्थिति बन रही है। परीक्षा की तैयारियां पूरी हो चुकी है, जबकि अभियान को लेकर भी निर्देश दिए जा चुके हैं। अभियान के अंतर्गत ड्राइंग, भाषण प्रतियोगिता और सांस्कृतिक – आयोजन होने हैं, ऐसे में स्कूलों में – असमंजस की स्थिति बन गई है।
जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में इस समय शैक्षणिक सत्र की तिमाही परीक्षा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। समय सारिणी के अनुसार 21 सितंबर से कक्षा पहली से बारहवीं तक की तिमाही परीक्षाएं शुरू होनी हैं। इसे लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। इसी बीच 17 सितंबर से स्कूलों में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ड्राइंग, भाषण प्रतियोगिता और सांस्कृतिक आयोजनों के निर्देश आने के बाद स्कूलों में असमंजस की स्थिति बन गई है। 21 सितंबर से शुरू होने वाली परीक्षाओं के ठीक पहले का यह समय बच्चों के रिवीजन के लिए संवेदनशील होता है। ऐसे में यदि शिक्षकों को नोडल बनाकर प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी तो परीक्षा पर असर पड़ सकता है। तिमाही परीक्षा के नतीजों से ही छात्रों के शैक्षणिक स्तर का प्रारंभिक मूल्यांकन होता है। अभिभावकों का भी मानना है कि परीक्षा सिर पर होने के दौरान बच्चों को प्रतियोगिताओं और अतिरिक्त गतिविधियों में व्यस्त करने से उनकी पढ़ाई की लय टूट सकती है। अब कोई बीच का रास्ता निकालने की जुगत करनी होगी।
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