कोरबा। कटघोरा वनमंडल में हाथियों की मौजूदगी अब ग्रामीणों के लिए लगातार बढ़ती चिंता का कारण बनती जा रही है। पसान, केंदई और जटगा रेंज में अलग-अलग हाथी दल सक्रिय हैं। हाथियों के झुंड जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंच रहे हैं और धान की फसल को रौंदकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। लगातार फसल नुकसान से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है, वहीं वन विभाग भी हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
सबसे अधिक हलचल जटगा रेंज में देखी जा रही है। बीती रात बासीन परिसर में मौजूद करीब 20 हाथियों का दल मातिन गांव पहुंच गया। यहां हाथियों ने खेतों में लगी बड़ी मात्रा में फसल को रौंद दिया। इसके बाद झुंड जटगा परिसर के लालडीह क्षेत्र में पहुंचा और जंगल में डेरा डाल दिया। खास बात यह है कि हाथियों के इस दल में हाल ही में जन्मा नन्हा शावक भी शामिल है। नन्हे शावक की मौजूदगी के कारण वन विभाग हाथियों के झुंड की गतिविधियों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। हाथियों के लालडीह क्षेत्र में पहुंचने की सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर सक्रिय हो गया। टीम हाथियों की निगरानी कर रही है और आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल और हाथियों के नजदीक नहीं जाने की चेतावनी दी जा रही है। पसान रेंज के तनेरा क्षेत्र में भी हाथियों के झुंड सक्रिय हैं। यहां भी हाथियों के खेतों में पहुंचने से धान की फसल को नुकसान हुआ है। वन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में गश्त और निगरानी कर रही हैं। ग्रामीणों को हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा अकेले जंगल की ओर नहीं जाने की समझाइश दी जा रही है।
एक साथ तीन रेंज में सक्रियता ने बढ़ाई चुनौती
कटघोरा वनमंडल में एक साथ तीन रेंज में हाथियों के अलग-अलग झुंड सक्रिय होने से वन विभाग के सामने निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा की चुनौती बढ़ गई है। विभाग का अमला हाथियों की लोकेशन पर नजर रखते हुए उनके मूवमेंट के आधार पर आसपास के गांवों को अलर्ट कर रहा है। लगातार फसल नुकसान के कारण ग्रामीणों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ रही है।
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