कोरबा। जिले की ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को जनसंवाद 2.0—विकसित भारत ग्राम संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रावधानों, ग्रामीणों के अधिकारों और ग्राम विकास में जनभागीदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में ग्राम सभाओं को ग्रामीणों की सहभागिता, सुझाव और संवाद का प्रभावी मंच बनाया गया।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन एवं जिला पंचायत के सीईओ प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने गांव की प्राथमिकताओं के निर्धारण, रोजगार अधिकार, पंचायत से संवाद और विकास कार्यों से जुड़े विषयों पर उत्साहपूर्वक भागीदारी की। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम विकास में सामुदायिक स्वामित्व और जनभागीदारी को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने जल संरक्षण, खेत-तालाब, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण, आजीविका आधारित कार्य और सामुदायिक परिसंपत्तियों से जुड़े विकास कार्यों को लेकर वोटिंग वॉल के माध्यम से अपनी प्राथमिकताएं दर्ज कीं। सबसे अधिक मत प्राप्त करने वाली तीन प्राथमिकताओं को चिन्हित कर ग्राम सभा के अभिलेख में दर्ज किया गया।
125 दिन रोजगार को लेकर ली शपथ
ग्रामीणों ने रोजगार, पारदर्शिता और जनभागीदारी से जुड़े अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा ग्राम विकास के कार्यों में सक्रिय सहयोग करने की सामूहिक शपथ भी ली। वहीं ‘जनता पूछे, पंचायत बताएÓ संवाद मंच में ग्रामीणों ने रोजगार की मांग की प्रक्रिया, 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, भुगतान व्यवस्था, शिकायत निवारण और विकसित ग्राम पंचायत योजना से जुड़े सवाल पूछे। पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मचारियों ने ग्रामीणों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
संदेश कार्ड में दर्ज किए गांव के सपने
कार्यक्रम में प्रत्येक परिवार को संदेश कार्ड उपलब्ध कराया गया। ग्रामीणों ने इसमें अपने गांव में अपेक्षित विकास और बदलाव से जुड़े सुझाव लिखे। इन सुझावों को संकलित कर आगामी विकसित ग्राम पंचायत योजना में उपयोग के लिए सुरक्षित रखा गया।
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