कोरबा। अब उन्हीं किसानों का धान सरकार खरीदेगी, जिनका डिजिटल क्रॉप सर्वे होगा। राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। अब धान का रकबा केंद्र सरकार के एग्रीस्टेक पोर्टल और डिजिटल क्रॉप सर्वे से ही तय होगा। पिछले साल यह व्यवस्था शुरू की गई थी, लेकिन शिकायतों के चलते कुछ छूट दी गई थी। इस बार खरीदी का आधार यही व्यवस्था होगी। वहीं, किसानों का पंजीयन भी अब सोसाइटी मॉड्यूल के माध्यम से होगा। खाद्य विभाग सचिव ने किसान पंजीयन को लेकर निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार किसानों को अब कृषि विभाग के एकीकृत किसान पोर्टल पर जाने की जरूरत नहीं होगी। धान बेचने के लिए पंजीयन और संशोधन की प्रक्रिया खाद्य विभाग की वेबसाइट के ऑनलाइन सोसाइटी मॉड्यूल के जरिए पूरी की जाएगी। जिन किसानों ने पिछले वर्ष 2025-26 में पंजीयन कराया था, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, उन्हें अपने पुराने रिकॉर्ड एग्रीस्टेक पोर्टल से अपडेट करवाना अनिवार्य होगा। नए पंजीयन और संशोधन का कार्य 1 जुलाई से 31 अक्टूबर तक सोसाइटी मॉड्यूल के माध्यम से किया जाएगा। इस बार धान खरीदी की सबसे महत्वपूर्ण शर्त डिजिटल क्रॉप सर्वे है। केवल उसी धान रकबे को खरीदी के लिए मान्य माना जाएगा, जिसका डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा हो चुका होगा। यह सर्वे 15 अगस्त से 31 अक्टूबर के बीच किया जाएगा। वन पट्टाधारी और डूबान क्षेत्र के किसानों को अपने खसरा या कंपार्टमेंट नंबर के साथ अक्षांश और देशांतर की जानकारी देनी होगी। विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचकर इसकी पुष्टि करेंगे। पिछले वर्ष पीवी एप के माध्यम से दर्ज जानकारी को भी मान्य किया गया था, लेकिन इस बार यह छूट समाप्त कर दी गई है।
बटाईदार-संस्थागत किसानों के लिए भी लागू
सरकार ने इस बार बटाईदार (अधिया/रेगहा) और संस्थागत किसानों के लिए भी एग्रीस्टेक में पंजीयन अनिवार्य कर दिया है। ऐसे किसानों को एग्रीस्टेक के ऑथराइजेशन मॉड्यूल के जरिए अधिकृत किया जाएगा। खाद्य अधिकारी मॉड्यूल में खसरे और कंपार्टमेंट नंबर की सूची कृषकवार तथा ग्रामवार उपलब्ध करा दी गई है। सूची के आधार पर अधीनस्थ अधिकारी और कर्मचारी मौके पर जाकर खसरा या कंपार्टमेंट नंबर के अक्षांश और देशांतर दर्ज करेंगे। धान खरीदी केंद्रों में इस बार भी बायोमेट्रिक आधारित खरीदी व्यवस्था लागू रहेगी।
एग्रीस्टेक पोर्टल पर कराना होगा अपडेट
जिन किसानों ने पिछले वर्ष पंजीयन नहीं कराया था, उन्हें सबसे पहले एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। इसके बाद संबंधित समिति में जाकर अपनी भूमि, खसरा, बैंक खाता और नॉमिनी संबंधी जानकारी खाद्य विभाग की वेबसाइट के ऑनलाइन सोसाइटी मॉड्यूल में दर्ज करानी होगी। विगत वर्ष के पंजीकृत किसानों ने यदि नई भूमि खरीदी है या बंटवारे में भूमि प्राप्त हुई है, तो उसकी जानकारी भी मॉड्यूल में दर्ज करानी होगी। भूमि, धान रकबा और खसरा विवरण एग्रीस्टेक पोर्टल पर अपडेट होने के बाद ही किसान धान बेच सकेंगे।
![]()
































