कोरबा। कोयला संचालन संयंत्रों (सीएचपी) और साइलो की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर कोल इंडिया ने सख्ती बरतते हुए नियमित निरीक्षण, संरचनात्मक स्थिरता आकलन, एनडीटी और निवारक रखरखाव को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश अनुषंगी कम्पनियों को दिए हैं। कोयले के संचालन, निकासी और प्रेषण के लिए महत्वपूर्ण इन प्रतिष्ठानों में कंपन, भारी भार, जंग, धातु की थकान और घिसाव से उत्पन्न जोखिमों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा पर जोर दिया गया है।
गत माह 5 अगस्त को आयोजित 190वीं सीएमडी बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद जारी मासिक ज्ञापन के बिंदु क्रमांक 16 में सीएचपी और साइलो की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर आवश्यक कार्रवाई तय की गई है। विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा किए गए स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी असेसमेंट और नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग (एनडीटी) में सामने आने वाली महत्वपूर्ण टिप्पणियों व सिफारिशों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध अनुपालन करना होगा। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद उसकी प्रभावशीलता की पुष्टि के लिए दोबारा एनडीटी अथवा संरचनात्मक स्थिरता आकलन कराया जाएगा। इसके बाद भी निर्धारित अंतराल पर मूल्यांकन दोहराने की व्यवस्था करनी होगी। सीएचपी के महत्वपूर्ण ढांचों का नियमित निरीक्षण कर कमियों की पहचान और तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। निरीक्षण की प्रक्रिया संयंत्र के एक छोर से व्यवस्थित रूप से शुरू कर पूरे प्रतिष्ठान तक जारी रखने तथा पूरा होने के बाद इसे दोहराते रहने कहा गया है। इसके दायरे में बेल्ट कन्वेयर गैलरी, पैदल मार्ग, कन्वेयर सपोर्ट स्ट्रक्चर, ट्राइपॉड, ब्रेस और गैन्ट्री, ट्रांसफर हाउस, जंक्शन टावर, कन्वेयर भवन, ड्राइव स्टेशन, टेल-एंड स्ट्रक्चर, लूप टेक-अप और काउंटरवेट सिस्टम शामिल हैं। प्लेटफॉर्म, सीढ़ियां, रेलिंग, सेफ्टी रेलिंग, मेश, ग्रिजली, नींव और स्ट्रक्चरल कनेक्शन की भी जांच करनी होगी। जंग की आशंका वाले हिस्सों तथा खराब होने की संभावना वाले अन्य महत्वपूर्ण संरचनात्मक घटकों की नियमित निगरानी की जाएगी। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों को लंबित रखने के बजाय आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई समय पर पूरी करनी होगी। सीएचपी और साइलो की सुरक्षा व्यवस्था में फोरमैन प्रभारी, ईएंडएम प्रभारी, कोलियरी इंजीनियर (ईएंडएम), एसओ (ईएंडएम), कोलियरी मैनेजर, प्रोजेक्ट ऑफिसर और एरिया जनरल मैनेजर स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं। एनडीटी व संरचनात्मक स्थिरता आकलन की सिफारिशों के अनुपालन की प्रगति की नियमित निगरानी और समीक्षा भी की जाएगी।
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