कोरबा। कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जांच शुरू हो गई है। एसडीएम सरोज महिलांगे के साथ नगर निगम के भवन अनुज्ञा अफसर, जोन कमिश्नर, अग्निशमन विभाग के प्रतिनिधि और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
जांच टीम तीन दिन के भीतर जिला प्रशासन को अपनी रिपोर्ट देगी। विभागों की संयुक्त टीम फायर सेफ्टी, लिफ्ट सुरक्षा, वेंटीलेशन को विशेष रूप से देख रही है। लखनऊ के कोचिंग संस्थान में आगजनी की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने भी संस्थाओं से सात दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी
थी। नगर निगम से टीम को 10 संस्थानों की सूची मिली है, जिसकी अनुमति ली गई है। इसके अलावा भी कॉलोनियों में कोचिंग संस्थान हैं। इसकी जानकारी भी प्रशासन की टीम जुटा रही है। टीपी नगर, घंटाघर, कोसाबाड़ी क्षेत्र में सबसे अधिक कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। इसके अलावा स्कूलों के बच्चों को भी टीचर अपने घरों में कोचिंग देते हैं। कई संस्थानों में एंट्री और एक्जिट के लिए एक ही दरवाजा है। अधिकांश संस्थानों में फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं है। कुछ संस्थानों ने व्यवस्था शुरू की है। कुछ ट्रेनिंग सेंटर भी चल रहे हैं, जहां सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए हैं। यही नहीं, निगम के ही कई परिसर में फायर सेफ्टी की व्यवस्था नहीं है। निगम दिशा-निर्देश जारी कर जांच करना भूल जाता है। कोई घटना होने पर ही विभाग सक्रिय होते हैं। इसका खुलासा कमर्शियल परिसरों में आग लगने के बाद हो चुका है।
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