कोरबा। इस साल लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें तनी हुई है। इस बीच मंगल, बुध और गुरूवार को हुई बारिश ने किसानों की उम्मीद लौटा दी है। खेतों में आई नमी से खेती को रफ्तार मिली है।
जिले में 1 जून से 2 जुलाई तक की अवधि में 68.92 मिलीमीटर वर्षा हुई है। तीन दिन जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई। जिसके बाद जिले की कुल औसत वर्षा में वृद्धि दर्ज की गई है। गुरूवार दोपहर से शाम तक रूक-रूककर हुई बारिश से शहर व ग्रामीण इलाके तरबतर हुए। इससे पहले मंगलवार व बुधवार को भी बारिश हुई थी। इन तीन दिनों की बारिश ने खेतों में नमी ला दी है। जिन किसानों ने धान के बीज बो दिए हैं, उनके लिए दो दिनों की बारिश संजीवनी साबित होगी। बीज को अंकुरित होकर बढ़ने का मौका मिलेगा। किसानों की आस अभी बाकी है क्योंकि आषाढ़ मास की शुरूआत से बदरा बरसने लगे हैं। हालांकि पिछले दस वर्षों के आंकड़े की बात की जाए तो औसत वर्षा जरूर कम हुई है। किसानों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में अच्छी बारिश होगी। तीन दिन की बारिश के बाद शहर के तापमान में गिरावट आई है। तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर भी बना हुआ है। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। डॉक्टरों ने इस मौसम में खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। जिले में 1 जून से 2 जुलाई तक 68.92 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज हुई है। विगत दस वर्षोंं की बात की जाए तो उक्त अवधि तक 219.42 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज होती रही है। इस लिहाज से इस साल औसत 149 मिमी कम बारिश हुई है। जून का महीना लगभग पूरा सूखा बीता है। जिसके कारण किसानों को टेंशन अधिक हुई है।
पोड़ी उपरोड़ा में हुई सर्वाधिक वर्षा
जिले के 12 तहसीलों की बात की जाए तो सर्वाधिक बारिश पोड़ी उपरोड़ा तहसील में दर्ज की गई है। पोड़ी उपरोड़ा में 114.8 मिमी वर्षा हो चुकी है। इसके बाद हरदीबाजार तहसील में 90.2 मिमी वर्षा हुई है। सबसे कम बारिश कोरबा तहसील में 30.1 मिमी दर्ज की गई है। शहरी क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो आगामी दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही बारिश के यह आंकडेÞ तेजी से बदलेंगे।
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