कोरबा/रायगढ़। छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य साजिशकर्ता को धर दबोचा है। वही ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी विनोद कुमार राठौर को कोरबा से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस मामले में संलिप्त दो अभ्यर्थियों (आरोपियों) को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
दस्तावेज सत्यापन में खुला राज: फर्जी अंकसूची से हुआ था चयन, यह पूरा मामला भारतीय डाक विभाग की वर्ष 2023 में शुरू हुई ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। अभ्यर्थी नरेंद्र कुमार (जिला सक्ती) और सोनम साहू (जिला जांजगीर-चांपा)।
चयन संबंधी: दोनों ने 10वीं की फर्जी अंकसूची लगाकर आवेदन किया था, जिसके आधार पर इनका चयन रायगढ़ डाक संभाग के बर्रा और सुलेसा शाखा में हो गया था। वही इस मामले का भंडाफोड़ कैसे हुई: नियुक्ति से पहले जब दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के लिए अंकसूचियों को तमिलनाडु बोर्ड भेजा गया, तो बोर्ड ने इन्हें फर्जी घोषित कर दिया।
दर्ज मामला: वही इसके बाद अधीक्षक डाकघर रायगढ़ की शिकायत पर सिटी कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 59/2026 के तहत IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। नौकरी के नाम पर मांगे थे 3.50 लाख रुपए गिरफ्तार अभ्यर्थियों से पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ कि उनकी मुलाकात कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर से हुई थी। विनोद ने नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम की मांग की थी। वही नरेंद्र कुमार से आरोपी विनोद ने करीब 3.50 लाख रुपये वसूल किए थे। जबकि सोनम साहू से नियुक्ति मिलने के बाद पैसे देने की बात तय हुई थी। इसके बाद आरोपी ने दोनों को 10वीं की फर्जी अंकसूचियां लाकर दी थीं। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद पुलिस ने दोनों अभ्यर्थियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
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फरार चल रहा था मुख्य आरोपी पहले भी काट चुका है जेल
मामले का मुख्य आरोपी विनोद कुमार राठौर पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है: साल 2013 में नकली नोट चलाने के मामले में आरोपी को 10 साल की सजा हो चुकी है।
जेल से रिहा होने के बाद उसने फिर से लोगों को ठगने का यह नया रास्ता चुना। वही ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी कोरबा में छिपा हुआ है। इसके बाद रायगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी विनोद कुमार राठौर (उम्र 47 वर्ष, निवासी शिवाजी नगर, कोरबा) को दबोच लिया। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। वही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का सख्त संदेश
“फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने की कोशिश करने वालों और ऐसा गिरोह चलाने वाले लोगों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस बेहद सख्त है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ऐसे फर्जीवाड़ों पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। वही इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक सुखनंदन पटेल (थाना प्रभारी), उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, सहायक उप निरीक्षक कोसो सिंह जगत, प्रधान आरक्षक मनोज मरावी,
आरक्षक मुरली मनोहर पटेल के भूमिका रही।
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