कोरबा। नगर निगम की नई सरकार के 16 माह के कार्यकाल के दौरान नगर पालिक निगम के सभी 67 वार्डों में सड़क, नाली, पानी, बिजली व अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताओं एवं सुविधाओं से जुड़े 537 करोड़ रूपये के 434 नवीन विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। जिनमें से 76 विकास कार्य इस अवधि में पूर्ण कर लिए गए हैं, वहीं 149 विकास कार्य प्रगति पर हैं तथा 209 विकास कार्य शीघ्र प्रारंभ होने जा रहे हैं।
उक्त जानकारी महापौर संजू देवी राजपूत ने पंचवटी में प्रेस वार्ता के दौरान दी। श्रीमती राजपूत ने कहा कि 15 वें वित्त आयोग के अंतर्गत नगर निगम के सभी 67 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं के लिए 115 कार्य जिसकी लागत 36 करोड़ रूपए की भी स्वीकृति प्राप्त की गई है जो टेंडर प्रकिया में है। कोरबा शहर का प्रमुख गौरव पथ जो लगभग 30 करोड़ की लागत से जैन चौक से होते हुए आईटीआई चौक व कोसाबाड़ी चौक तक बनना है का भी निर्माण कार्य इस माह प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के प्रमुख मार्गों में डामरीकरण के लिए कोसाबाड़ी से घंटाघर, घंटाघर से सीएसईबी चौक होते हुए सुनालिया पावर हाउस रोड तक डामरीकरण का टेंडर किया जा चुका है, जिसका प्रारंभ बरसात के तत्काल ही किया जाएगा। साथ ही जिला खनिज न्यास मद से 30 करोड़ रूपये की लागत से सभी मुख्य सड़कों के जीर्णोद्धार व डामरीकरण का कार्य प्रस्तावित है, जिसकी शीघ्र स्वीकृति प्राप्त होने जा रही है। इसी प्रकार 22 करोड़ रूपये की लागत से सुनालिया ओव्हर ब्रिज एवं पुल से अग्रसेन चौक तक सड़क एवं पुल का निर्माण कार्य स्वीकृत हो चुका है। सर्वमंगला पुल से राताखार पुल होते हुए दर्री डेम तक फोरलेन सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। निगम क्षेत्र में सड़कों के निर्माण के तहत कोसाबाड़ी चौक से रिसदी चौक तक 36 करोड़ रूपये की लागत से सड़क का निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं, जिसकी शीघ्र स्वीकृति प्राप्त होने जा रही है। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत आई.टी.आई.चौक रामपुर से बालको चेकपोस्ट रेलवे फाटक तक 36 करोड़ रूपये की लागत से गौरव पथ का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि खेलकूद गतिविधियों को प्रोत्साहन व सुविधाएं उपलब्ध कराने के मद्देनजर जिला खनिज न्यास मद से इंदिरा स्टेडियम टी.पी. नगर में 16 करोड़ रूपये की लागत से हॉकी स्टेडियम, 32 करोड रूपये की लागत से इंडोर स्टेडियम, 02 करोड़ रूपये की लागत से बाक्स किकेट, 14 करोड़ रूपये की लागत से पी.जी. कालेज में सिंथेटिक्स रनिंग ट्रेक आदि के निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं, जिनकी शीघ्र ही स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। कोरबा में पहली बार कोरबा रायफल शूटिंग रेंज का निर्माण (इंडोर-10 मीटर, आउट डोर -25 मीटर व 50 मीटर) का निर्माण कराया गया है तथा कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी की स्थापना की गई है, इससे रायफल शूटिंग के खिलाड़ियों व निशानेबाजों को अपने अभ्यास हेतु शहर में पहली बार एक सुव्यवस्थित शूटिंग रेंज उपलब्ध हो चुका है, जहाँ पर अभ्यास कर वे आगे चलकर नेशनल व इंटरनेशनल स्तर पर अपनी प्रतिभा स्थापित कर सकेंगे।
सफाई व्यवस्था एवं स्वच्छता के क्षेत्र में किया उत्कृष्ट कार्य
उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में कोरबा देश के टाप-10 स्वच्छ शहरों में शामिल हुआ तथा स्वच्छता रैंकिंग में देश में 8वें स्थान का सम्मान अर्जित किया। बीते 1 वर्ष में शहर की साफ-सफाई व्यवस्था में गुणात्मक सुधार देखने को मिला तथा शहर के कचरा डम्पिंग प्वाइंट समाप्त किए गए।आज इन डम्पिंग प्वाइंट के स्थान पर स्माल गार्डन नजर आ रहे हैं। इस 01 वर्ष की अवधि में डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण की व्यवस्था मजबूत की गई है तथा कचरे का उचित प्रबंधन भी सुनिश्चित कराया गया है। संसाधनों को अपडेट किया गया, तो वहीं अपशिष्ट संग्रहण के लिए 80 नग इलेक्ट्रानिक रिक्शा संसाधन बेडे में शामिल किए गए, तो वहीं 2 नग अत्याधुनिक मोबाईल टायलेट भी उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि कोरबा शहर की साफ-सफाई व्यवस्था में व्यापक सुधार, सफाई व्यवस्था सुदृढ़, व्यापक जनजागरूकता के साथ स्वच्छता शपथ के एक ही बैनर पर केवल 20 में मिनट में 15500 से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर प्राप्त कर कोरबा ने गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया तथा रेयर-टू-रेयरेस्ट रिकार्ड का ताज पहना। शहर में प्रतिदिन उत्सर्जित गीले कचरे से बायो गैस बनाने के लिए बायो गैस संयंत्र स्थापना का प्रोजेक्ट, इस प्रोजेक्ट का नगर पालिक निगम कोरबा सी.जी. बायो फ्यूल एवं गेल इंडिया के बीच एम. ओ.यू. भी सम्पन्न हो चुका है। इससे एक ओर जहाँ गीले कचरे का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा, वहीं दूसरी ओर बायो गैस के रूप में एक महत्वपूर्ण विकल्प उपलब्ध हो सकेगा। निगम के समस्त 16 एस.एल.आर.एम. सेंटरों के उन्नयन का कार्य लगभग 8 करोड़ रूपये की लागत से प्रगति पर है, वहीं शहर के 10 किलोमीटर की सड़कों की सफाई रोड स्वीपिंग मशीन के माध्यम से की जा रही है, इसके साथ ही अतिरिक्त 12 किलोमीटर सडकों की सफाई भी रोड स्वीपिंग मशीन से किये जाने का कार्य प्रस्तावित है, जिसके लिये दूसरी मशीन का क्रय कर लिया गया है। निगम क्षेत्र के 55 हजार मकानों में डस्टबिनों का वितरण का कार्य भी प्रस्तावित है, जिस पर कार्यवाही की जा रही है ताकि आवासगृहों के मालिक घरों से उत्सर्जित गीले व सूखे कचरे को डस्टबिन में अनिवार्य रूप से डालें तथा सड़क, नाली आदि में कचरा न फेंका जाए।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर
महापौर ने कहा कि शहर के 11 बड़े नालों से उत्सर्जित गंदे पानी को हसदेव नदी में मिलने से रोकने तथा उक्त गंदे पानी का शुद्धीकरण कर पुनः उपयोग के लिए 33 एम.एल.डी. क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण का निर्माण कार्य प्रगति पर। इससे इन 11 बड़े नालों से प्रतिदिन भारी मात्रा में उत्सर्जित गंदे पानी को हसदेव नदी में मिलने से रोका जा सकेगा, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी, इसकी लागत राशि रूपये 165 करोड़ है, इस कार्य को अगस्त 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से उपचारित किए गए जल को एन.टी.पी.सी. को 7 रूपये 50 पैसे प्रति किलोलीटर की दर पर विक्रय किया जाएगा। एन.टी.पी.सी. के मानकों के अनुरूप जल का शुद्धिकरण सुनिश्चित करने के लिये 211 करोड़ रूपये की लागत से 20 एम.एल.डी. का टर्शरी ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जाएगा, जिसकी कार्यप्रक्रिया व निविदा प्रक्रिया प्रगति है, इससे एक ओर जहाँ शुद्धिकृत जल का उपयोग सुनिश्चित होगा, वहीं दूसरी ओर निगम को स्थाई रूप से आय भी प्राप्त होगी।
![]()
































