कोरबा। जुलाई का आधा महीना बीत चुका है, लेकिन जिले में मानसून अब तक अपने पूरे रंग में नजर नहीं आया है। इक्का-दुक्का दिनों की बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन खेती-किसानी के लिए यह बारिश अभी भी नाकाफी साबित हो रही है। राजस्व विभाग द्वारा 15 जुलाई को जारी वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार जिले में 1 जून से 15 जुलाई तक औसतन 285.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले 10 वर्षों में इसी अवधि की औसत वर्षा 363.2 मिलीमीटर रही है। यानी इस वर्ष अब तक जिले में सामान्य की तुलना में केवल 78.6 प्रतिशत वर्षा हुई है और 21.4 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है।
यह आंकड़ा साफ संकेत दे रहा है कि मानसून की चाल अभी भी कमजोर बनी हुई है। इसका सबसे अधिक असर खेतों में दिखाई दे रहा है, जहां किसान बारिश के इंतजार में आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। कई किसानों ने पहली बारिश के भरोसे धान की बुवाई तो कर दी, लेकिन लगातार पर्याप्त वर्षा नहीं होने से बीजों का अंकुरण प्रभावित हो रहा है। वहीं जिन क्षेत्रों में रोपाई शुरू हुई थी, वहां खेतों में पानी की कमी के कारण कार्य की रफ्तार धीमी पड़ गई है। तहसील कोरबा में 1 जून से अब तक 321.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले 10 वर्षों का औसत 403.6 मिलीमीटर है। इस प्रकार कोरबा तहसील में सामान्य का केवल 79.6 प्रतिशत वर्षा ही हो सकी है। यानी यहां भी बारिश की कमी साफ दिखाई दे रही है। जिले की 12 तहसीलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्षा का वितरण पूरी तरह असमान दिखाई देता है। सबसे अच्छी स्थिति पाली तहसील की है, जहां अब तक 323.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य का 92.4 प्रतिशत है। इसके बाद दर्री (90.0 प्रतिशत), पोड़ी-उपरोड़ा (89.8 प्रतिशत), दीपका (89.3 प्रतिशत) और कटघोरा (84.8 प्रतिशत) का स्थान है। वहीं दूसरी ओर पसान तहसील सबसे पीछे चल रही है। यहां अब तक केवल 197.1 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य का मात्र 56 प्रतिशत है। करतला में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां सामान्य का केवल 58.2 प्रतिशत वर्षा ही दर्ज की गई है। अजगरबहार (68.3 प्रतिशत) और भैसमा (75.5 प्रतिशत) में भी बारिश औसत से काफी कम रही है।
पखवाड़े के अंतिम दिन भी नहीं हुई अच्छी बारिश
पखवाड़े के अंतिम दिन 15 जुलाई को जिले में कुल 97.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 35.6 मिमी बारिश बरपाली में हुई, जबकि भैसमा में 20.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। कोरबा तहसील में दिनभर एक बूंद भी बारिश दर्ज नहीं हुई, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में भी केवल हल्की बारिश ही हुई। इससे किसानों को उस व्यापक वर्षा का इंतजार अभी भी बना हुआ है, जिसकी खेती को सबसे अधिक जरूरत है।
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