कोरबा। कुदुरमाल पुल से भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने के बाद से कुसमुंडा से उरगा होते हुए कोयला परिवहन के लिए आवाजाही करने वाले मालवाहक नो एंट्री खुलने के बाद शहर के भीतर से गुजर रहे हैं। रात के समय सड़क पर आम आवाजाही कम होने से दिक्कत नहीं होती, लेकिन सुबह मुड़ापार बाईपास और रिकांडो रोड तक मालवाहकों की लंबी कतार से जाम की स्थिति होने के चलते स्कूली बच्चे, कामकाजी लोग और आम राहगीर परेशान हो रहे हैं। यहां तक की एसईसीएल कॉलोनी व निहारिका की ओर से रेलवे के सेकंड एंट्री गेट तक पहुंचना भी यात्रियों के लिए मुश्किल हो हो गया है। है। सुबह के समय ऐसी परेशानी हर दिन हो रही है। ऐसे में लोगों को दूसरे रास्तों से लंबी दूरी तय कर आवाजाही करनी पड़ रही है। कुसमुंडा की ओर से उरगा होते चांपा, हाटी, सक्ती, रायगढ़ समेत अन्य क्षेत्र के लिए कोयला परिवहन करने वाले मालवाहकों के लिए शहर में नो एंट्री के समय वैकल्पिक मार्ग रिंग रोड तय है। दिन में भले ही मालवाहक उस रास्ते से आवाजाही करते हैं लेकिन रात में नो एंट्री खुलने का समय करीब होता है तो मालवाहक रिंग रोड से नहीं जाते । दरअसल रिंग रोड की ओर से आवाजाही में करीब 15 किमी ज्यादा फेरा लगाना पड़ता है।
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