कोरबा/बांकी मोंगरा। सुराकछार क्षेत्र की खदानों में कॉपर केबल चोरी की कोशिश का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि करीब 10 से 15 लोगों का समूह खदान क्षेत्र में घुसा और कॉपर केबल लेकर निकलने की कोशिश करने लगा। वही इस दौरान सुरक्षा गार्डों के साथ कथित रूप से मारपीट भी हुई। हालांकि गार्डों ने हिम्मत और साहस दिखाते हुए करीब 10 आरोपियों को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया, जबकि कुछ लोग अंधेरे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। वही मामला आज 14 सितंबर 2026 का बताया जा रहा है। थाना बांकी मोंगरा में दर्ज शिकायत के अनुसार आरोपी खदान के मुहाने से अंदर दाखिल हुए थे। आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए उन्होंने वहां मौजूद गार्डों के साथ मारपीट की और कॉपर केबल चोरी कर ले जाने का प्रयास किया।
30 से 40 मीटर कॉपर केबल लेकर भागने की कोशिश
शिकायत के अनुसार, आरोपी करीब 30 से 40 मीटर कॉपर केबल लेकर भागने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन सुरक्षा गार्डों की सूझबूझ से चोरी की बड़ी वारदात नाकाम साबित हुए। जब्त किए गए कॉपर केबल की अनुमानित कीमत करीब 55 हजार रुपये बताई गई है। सुरक्षा गार्डों की सतर्कता के कारण केबल को बरामद कर लिया गया। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में लोग खदान क्षेत्र तक कैसे पहुंच गए? क्या यह अचानक की गई वारदात थी या फिर इसके पीछे पहले से तैयार कोई सुनियोजित योजना थी?
गार्डों की सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा प्रभारी अरविंद कुमार द्वारा थाना बांकी मोंगरा में शिकायत दर्ज कराई गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सत्यम साहू ने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी और उनके दिशा-निर्देश पर पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पहुंचे। वही मौके पर सुरक्षा गार्डों के द्वारा पकड़े गए 10 आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाना पहुंचा, जहां उनसे पूछताछ के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। जानकारी के अनुसार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया भी की गई।
10 में से 7 नाबालिग बताए जा रहे
पुलिस कार्रवाई में पकड़े गए कुल 10 आरोपियों में 7 नाबालिग बताए जा रहे हैं। वही वारदात में शामिल आरोपियों में गौरव सिंह, निवासी कुचेना, सुनील तंवर, निवासी कुचेना, सुमित, निवासी मड़वा ढोडा शामिल है।
सबसे बड़ा सवाल—10 पकड़े गए, लेकिन असली सरगना कौन?
इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल उन लोगों को लेकर खड़ा हो गया है जो मौके से फरार होने में सफल रहे। आखिर 10 से 15 लोगों का समूह खदान तक पहुंचा कैसे? कॉपर केबल चोरी करने की योजना किसने बनाई? और इतनी बड़ी वारदात के पीछे किसका इशारा था? वही स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि केवल मौके पर पकड़े गए लोगों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पुलिस को इस पूरे मामले के पीछे सक्रिय कथित मुख्य संचालक और नेटवर्क तक पहुंचना होगा। क्योंकि यदि खदानों और औद्योगिक क्षेत्रों में चोरी की कोशिश करने वाले ऐसे गिरोहों के पीछे मौजूद कथित सरगना तक पुलिस की कार्रवाई नहीं पहुंची, तो भविष्य में इसी तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति से इंकार नहीं किया जा सकता। वही पुलिस के अनुसार मामले में अपराध क्रमांक 179/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा, 296, 115(2), 351(3), 331(4) और 310(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। वही फिलहाल 10 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, लेकिन कुछ आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस जांच का सबसे अहम सवाल यही है—क्या फरार आरोपियों के साथ इस पूरे मामले के पीछे मौजूद कथित मास्टरमाइंड तक पुलिस पहुंच पाएगी? वही सुराकछार की खदान में कॉपर केबल चोरी की इस कोशिश का पूरा सच पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।
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