कोरबा। गणपति बप्पा के प्रति आस्था और विश्वास की अनूठी मिसाल शिवाजी नगर में देखने को मिल रही है। यहां तेलुगु समाज द्वारा भगवान गणेश को काजू, किशमिश, बादाम सहित विभिन्न मेवों से तैयार 16 किलो के विशेष लड्डू का भोग लगाया गया है। यह लड्डू सिर्फ प्रसाद नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए बप्पा के आशीर्वाद और मनोकामना पूर्ण होने की आस्था का प्रतीक बन चुका है।
तेलुगु समुदाय द्वारा वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। हर गणेशोत्सव में भगवान गणेश के लिए विशेष मेवा लड्डू तैयार किया जाता है और समिति द्वारा हर वर्ष इसका वजन बढ़ाया जाता है। अनंत चतुर्दशी पर इसी लड्डू की बोली लगाई जाती है, जिसमें श्रद्धालु उत्साह के साथ हिस्सा लेते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि गणपति के समक्ष सच्चे मन से मांगी गई मन्नत पूरी होने के बाद यह लड्डू उनके लिए बप्पा के विशेष आशीर्वाद का स्वरूप बन जाता है। यही विश्वास लड्डू की बोली के दौरान भी दिखाई देता है। इसे प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार लाखों रुपए तक की बोली लगाने से पीछे नहीं हटते। यहां बोली में रकम से अधिक महत्व उस आस्था का है, जिसके चलते श्रद्धालु लड्डू को भगवान गणेश का विशेष प्रसाद मानकर अपने घर ले जाना चाहते हैं।
एक लड्डू, कई घरों तक पहुंचता है बप्पा का प्रसाद
लड्डू प्राप्त करने वाला परिवार इसे केवल अपने घर तक सीमित नहीं रखता। भगवान गणेश का आशीर्वाद मानकर प्रसाद को परिजनों, रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों में वितरित किया जाता है। इस तरह एक लड्डू के जरिए बप्पा का प्रसाद और आस्था कई परिवारों तक पहुंचती है। यही परंपरा शिवाजी नगर के गणेशोत्सव को खास बनाती है।
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