कोरबा। जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के निवासियों ने आवास प्लस 2.0 सूची में व्यापक अनियमितता का आरोप लगाते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जियो-टैग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वर्तमान आवास प्लस सूची से पात्र परिवारों के नाम काट दिए गए हैं। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार कुछ महीने पहले ग्राम पंचायत द्वारा आवास प्लस योजना के लिए एक सर्वे कराया गया था। इस सर्वे के आधार पर कई गरीब परिवार आवास योजना के लिए पूरी तरह पात्र पाए गए थे। इसके बाद सत्यापन अधिकारी एस. पी. ध्रुवे द्वारा मौके पर आकर भौतिक सत्यापन (जियो-टैग) भी किया गया था। लेकिन, हाल ही में जारी की गई नई सूची को देखकर ग्रामीण दंग रह गए, क्योंकि इस सूची से वास्तविक पात्र हितग्राहियों के नाम गायब हैं।शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे शासन की गाइडलाइन के अनुसार पूरी तरह से पात्र हैं। वर्ष 2022 की सर्वे सूची में भी उनका नाम दर्ज था और वे गरीबी रेखा के अंतर्गत आते हैं। इसके बावजूद उनका नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया है। दूसरी ओर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आवास प्लस सूची में ऐसे लोगों को शामिल कर लिया गया है जिनके पास पहले से पर्याप्त पक्के मकान और जमीन हैं। यहाँ तक कि सरकारी कर्मचारियों और अविवाहितों को भी नियमों को ताक पर रखकर सूची में जगह दे दी गई है। इस गड़बड़ी से नाराज ग्रामीण राजेश सिंह, सीता देवी, वेरोनिका कुजूर, चित्रा सिंह, हेमवंती सिंह और निशा सिंह सहित अन्य आवेदकों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मामले की उच्च स्तरीय जाँच कराने की माँग की है। उन्होंने आवेदन के साथ अपात्र हितग्राहियों की सूची भी संलग्न की है और चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करते हुए वास्तविक पात्र परिवारों को न्याय दिलाया जाए।
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