कोरबा। एसईसीएल रजगामार क्षेत्र स्थित गोडमा 6-7 भूमिगत कोयला खदान तकनीकी खराबी की समस्या से जूझ रहा है। जिसके चलते पिछले 24 दिनों से खदान का उत्पादन पूरी तरह ठप है। खदान में कोयला उत्खनन के लिए उपयोग की जा रही कंटीन्यूअस माइनर मशीन का ट्रांसफार्मर 7 जून को जल जाने के बाद से मशीन बंद पड़ी हुई है। इसके कारण प्रतिदिन होने वाला लगभग 700 से 800 टन कोयला उत्पादन प्रभावित हो रहा है। मशीन को दोबारा चालू करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल सकी है। गोडमा 6-7 भूमिगत खदान कई वर्षों तक विभिन्न कारणों से बंद रही थी। लंबे इंतजार के बाद खदान में पुन: उत्पादन शुरू किया गया, जिससे एसईसीएल के उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार की गतिविधियों को भी गति मिली। खदान में भूमिगत कोयला उत्खनन का कार्य गैन्वेल कंपनी को ठेके पर दिया गया है। कंपनी आधुनिक कंटीन्यूअस माइनर मशीन के माध्यम से सुरक्षित व तेज गति से खनन कर रही थी और प्रतिदिन औसतन 700 से 800 टन कोयले का उत्पादन हो रहा था। 7 जून को मशीन के ट्रांसफार्मर में आई तकनीकी खराबी के कारण वह जल गया। इसके बाद पूरी खनन प्रक्रिया बंद करनी पड़ी। भूमिगत खदान में यही मशीन उत्पादन की मुख्य कड़ी है, इसलिए इसके बंद होते ही कोयला उत्पादन पूरी तरह रुक गया। उत्पादन ठप होने से एसईसीएल के मासिक उत्पादन लक्ष्य पर भी असर पड़ रहा है। यदि मशीन शीघ्र चालू नहीं हुई तो आगामी उत्पादन लक्ष्य हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। स्थानीय लोगों और खदान कर्मियों को उम्मीद है कि तकनीकी खराबी जल्द दूर होगी और उत्पादन दोबारा शुरू होगा। खदान के पुन: संचालित होने से न केवल एसईसीएल के उत्पादन को गति मिलेगी, बल्कि परिवहन, ठेका कार्यों तथा अन्य स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी फिर से मजबूती मिलेगी। जानकारों के अनुसार कंटीन्यूअस माइनर मशीन अत्याधुनिक तकनीक से संचालित होती है और भूमिगत खनन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसी मशीन में आई खराबी को दूर करने के लिए विशेषज्ञ तकनीशियनों की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि मरम्मत कार्य में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। फिलहाल मशीन के ट्रांसफार्मर सहित अन्य विद्युत उपकरणों की जांच व सुधार कार्य जारी है।एसईसीएल कोरबा एरिया अन्तर्गत रजगामार भूमिगत खदान से रोजाना लगभग 700-800 कोयला उत्पादन किया जाता है। गोडमा 6-7 भूमिगत खदान का संचालन गैन्वेल कंपनी द्वारा ठेका आधार पर किया जा रहा है। रजगामार में वर्तमान में दो खदानें उत्पादन में है। गोडमा के अलावा 4-5 नंबर खदान भी संचालन में है। हालांकि कोयला उत्पादन नहीं किया जा रहा है।
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